इटली के प्रमुख वित्तीय संस्थान यूनिक्रेडिट ने घोषणा की है कि उसने डेरिवेटिव अनुबंधों के माध्यम से कॉमर्ज बैंक में अपनी हिस्सेदारी बढ़ाकर लगभग 21% कर ली है, जिससे वह बैंक का सबसे बड़ा शेयरधारक बन गया है।

इस आक्रामक कदम के साथ यूनिक्रेडिट ने जर्मन सरकार (जिसके पास 12% हिस्सेदारी है) को पीछे छोड़ दिया है और सीईओ एंड्रिया ओरसेल यूरोप के सबसे बड़े सीमा-पार बैंकिंग विलय की दिशा में आगे बढ़ रहे हैं।

एंड्रिया ओरसेल की आक्रामक डेरिवेटिव्स रणनीति

यूनिक्रेडिट ने यूरोपीय सेंट्रल बैंक (ईसीबी) के समक्ष औपचारिक आवेदन दायर कर कॉमर्ज बैंक में अपनी हिस्सेदारी को 29.9% तक बढ़ाने की मंजूरी मांगी है, जो अनिवार्य अधिग्रहण बोली की 30% सीमा से ठीक नीचे है।

इतालवी बैंक का तर्क है कि दोनों बैंकों के विलय से 1 लाख करोड़ यूरो से अधिक संपत्ति वाला एक यूरोपीय बैंकिंग दिग्गज बनेगा जो वॉल स्ट्रीट के बैंकों से मुकाबला कर सकेगा।

“बिना सहमति के किए जाने वाले आक्रामक अधिग्रहण बैंकों के हित में नहीं हैं। इसीलिए जर्मन सरकार इस अवांछित कदम के सख्त खिलाफ खड़ी है।”

बर्लिन का राजनीतिक विरोध और जर्मन उद्योग की चिंता

जर्मन चांसलर ओलाफ स्कोल्ज़ ने इस कदम की तीखी आलोचना करते हुए इसे 'अमित्रतापूर्ण हमला' बताया और पुष्टि की कि सरकार कॉमर्ज बैंक में अपनी शेष हिस्सेदारी की बिक्री को तुरंत रोक रही है।

जर्मनी में बैंक कर्मचारी संघ वर्डी (ver.di) और कॉमर्ज बैंक की भावी सीईओ बेटिना ओरलोप ने चेतावनी दी है कि इस अधिग्रहण से हजारों नौकरियों में कटौती होगी और जर्मन छोटे-मध्यम उद्योगों को कर्ज मिलने में बाधा आ सकती है।

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