ब्रिटेन और मॉरीशस गणराज्य ने गुरुवार को दशकों पुराने राजनयिक विवाद को समाप्त करते हुए एक ऐतिहासिक द्विपक्षीय समझौते की घोषणा की। इसके तहत चागोस द्वीप समूह पर मॉरीशस की संप्रभुता को आधिकारिक रूप से मान्यता दे दी गई है, जिससे हिंद महासागर में अंतिम औपनिवेशिक विवादों में से एक का शांतिपूर्ण अंत हो गया है।
ब्रिटिश प्रधानमंत्री कीर स्टारमर और मॉरीशस के प्रधानमंत्री प्रविंद जगन्नाथ द्वारा घोषित इस समझौते के तहत ब्रिटेन इस द्वीप समूह का कानूनी स्वामित्व मॉरीशस को सौंपेगा। इसके बदले में मॉरीशस डिएगो गार्सिया के रणनीतिक रूप से महत्वपूर्ण एटोल पर ब्रिटिश-अमेरिकी सैन्य अड्डे को 99 साल के पट्टे पर संचालित करने की अनुमति देगा।
दशकों पुराने औपनिवेशिक संप्रभुता विवाद का कूटनीतिक समाधान
डिएगो गार्सिया हिंद-प्रशांत और मध्य पूर्व में पश्चिमी सैन्य रणनीतियों के लिए एक अनिवार्य केंद्र है। यह समझौता समुद्री निगरानी, पनडुब्बी रखरखाव और लंबी दूरी के बमवर्षक अभियानों के लिए निरंतर पहुंच की गारंटी देता है, जिससे लंदन और वाशिंगटन को अंतरराष्ट्रीय न्यायाधिकरणों के कानूनी दबाव से राहत मिली है।
यह समझौता 1968 से 1973 के बीच जबरन विस्थापित किए गए चागोसियन समुदाय के ऐतिहासिक अन्यायों को भी दूर करता है। ब्रिटिश सरकार द्वारा वित्तपोषित एक नया पुनर्वास कोष स्थापित किया जाएगा, जो पीड़ितों को मुआवजा देने और बाहरी द्वीपों पर बुनियादी ढांचे के विकास में मदद करेगा।
“यह ऐतिहासिक समझौता भावी पीढ़ियों के लिए डिएगो गार्सिया में महत्वपूर्ण ब्रिटेन-अमेरिका रक्षा अड्डे को सुरक्षित करता है, साथ ही एक दर्दनाक ऐतिहासिक अन्याय को सुधारता है।” — डेविड लैमी, विदेश, राष्ट्रमंडल और विकास मामलों के ब्रिटिश विदेश मंत्री
डिएगो गार्सिया सैन्य अड्डे की सुरक्षा और चागोसियन पुनर्वास
अंतरराष्ट्रीय न्यायालय (ICJ) और संयुक्त राष्ट्र महासभा ने बार-बार फैसला सुनाया था कि 1968 में मॉरीशस की आजादी से पहले चागोस को अलग करना अंतरराष्ट्रीय कानून का उल्लंघन था। इस कूटनीतिक समझौते से ब्रिटेन अंतरराष्ट्रीय कानूनी सम्मतियों के अनुरूप आ गया है।
पोर्ट लुई में अधिकारियों ने इस संधि को अंतरराष्ट्रीय कूटनीति और राष्ट्रीय संप्रभुता की एक बड़ी जीत बताया। दोनों सरकारों ने साल के अंत तक संधि के तकनीकी मसौदे को अंतिम रूप देने की प्रतिबद्धता जताई है, जिससे दोनों राष्ट्रों के बीच सहयोग के नए युग की शुरुआत होगी।
Frequently Asked Questions
नई संधि के तहत डिएगो गार्सिया सैन्य अड्डे की क्या स्थिति होगी?
डिएगो गार्सिया पर संयुक्त ब्रिटेन-अमेरिका सैन्य अड्डा मॉरीशस द्वारा दिए गए 99 साल के पट्टे पर निर्बाध रूप से संचालित होता रहेगा।
विस्थापित चागोसियन समुदाय को क्या सहायता मिलेगी?
ब्रिटिश वित्तपोषित ट्रस्ट फंड के माध्यम से विस्थापितों के पुनर्वास और बाहरी द्वीपों के विकास में आर्थिक सहायता दी जाएगी।





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