खाड़ी सहयोग परिषद (जीसीसी) के छह सदस्य देशों के वित्त और अर्थव्यवस्था मंत्रियों ने क्षेत्रीय आर्थिक एकीकरण को गति देने के लिए बहरीन की राजधानी मनामा में वित्तीय और आर्थिक सहयोग समिति की 126वीं बैठक में भाग लिया। इस उच्च स्तरीय शिखर बैठक का उद्देश्य सीमा पार व्यापार में आने वाली प्रशासनिक अड़चनों को दूर करना था।

बहरीन के वित्त और राष्ट्रीय अर्थव्यवस्था मंत्री शेख सलमान बिन खलीफा अल खलीफा की अध्यक्षता में आयोजित इस सत्र में खाड़ी नेताओं द्वारा अनुमोदित प्राथमिकताओं पर चर्चा की गई। इसमें जीसीसी सीमा शुल्क संघ के पूर्ण क्रियान्वयन, व्यापारिक बाधाओं को हटाने और खाड़ी साझा बाजार की रूपरेखा को अंतिम रूप देने पर जोर रहा।

सीमा शुल्क एकीकरण और खाड़ी साझा बाजार को पूर्ण गति

मंत्रिस्तरीय समिति ने एकल डिजिटल विंडो और सुगम सीमा निकासी के माध्यम से सीमा शुल्क प्रक्रियाओं के सामंजस्य की प्रगति की समीक्षा की। अधिकारियों ने जोर दिया कि सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, कतर, कुवैत और ओमान के बीच माल ढुलाई की रफ्तार बढ़ाकर व्यापार मात्रा में तेजी से बढ़ोतरी की जाएगी।

इसके अलावा खाड़ी नागरिकों के लिए समान अधिकारों के विस्तार पर भी गहन विचार-विमर्श हुआ। इसके तहत छह सदस्य देशों के नागरिकों को सभी राज्यों में नौकरी, कंपनी पंजीकरण, रियल एस्टेट स्वामित्व और नगरपालिका सेवाओं में पूर्ण समानता प्रदान करने वाली नीतियों पर तेजी से अमल करने की सिफारिश की गई।

“Strengthening economic unity and regulatory coherence across the Gulf Cooperation Council is essential to expanding intra-regional trade and enhancing the global competitiveness of Gulf economies.” — जसीम मोहम्मद अल-बुदैवी, खाड़ी सहयोग परिषद के महासचिव

बुनियादी ढांचा, जीसीसी रेलवे और दीर्घकालिक आर्थिक स्थिरता

बैठक में रणनीतिक बुनियादी ढांचा परियोजनाओं, विशेषकर जीसीसी रेलवे नेटवर्क के निर्माण की भी समीक्षा की गई। वर्ष 2030 तक सभी छह खाड़ी राजधानियों को जोड़ने वाले इस बहु-अरब डॉलर के रेल प्रोजेक्ट से लॉजिस्टिक्स लागत में भारी कमी आएगी और गैर-तेल औद्योगिक क्षेत्रों की आपूर्ति श्रृंखला को मजबूती मिलेगी।

तेल राजस्व पर निर्भरता कम करने के लिए खाड़ी देश व्यापक आर्थिक विविधीकरण योजनाओं को लागू कर रहे हैं। समिति के सदस्यों ने साझा राजकोषीय रणनीतियों और संयुक्त निवेश तंत्र को सशक्त करने की प्रतिबद्धता दोहराई, ताकि वैश्विक आर्थिक उथल-पुथल के बीच खाड़ी क्षेत्र की स्थिरता बनी रहे।

Frequently Asked Questions

मनामा में आयोजित 126वीं जीसीसी बैठक का मुख्य एजेंडा क्या था?

बैठक का मुख्य उद्देश्य एकीकृत सीमा शुल्क प्रणाली, खाड़ी साझा बाजार के नियमों को लागू करना और सदस्य देशों के बीच व्यापारिक बाधाओं को खत्म करना था।

इस मंत्रिस्तरीय सम्मेलन में किन देशों ने भाग लिया?

सऊदी अरब, संयुक्त अरब अमीरात, बहरीन, कतर, कुवैत और ओमान के वित्त और अर्थव्यवस्था मंत्रियों के साथ जीसीसी महासचिव ने इसमें हिस्सा लिया।

Sources