टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स ने भारत को सेमीकंडक्टर विनिर्माण का वैश्विक केंद्र बनाने की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए जापानी दिग्गज कंपनी टोक्यो इलेक्ट्रॉन लिमिटेड (टीईएल) के साथ एक रणनीतिक समझौता ज्ञापन (एमओयू) पर हस्ताक्षर किए हैं। यह साझेदारी गुजरात के ढोलेरा में स्थापित किए जा रहे देश के पहले बड़े ₹91,000 करोड़ (लगभग 11 अरब डॉलर) के सेमीकंडक्टर फैब्रिकेशन प्लांट के लिए आवश्यक अत्याधुनिक मशीनरी जुटाने पर केंद्रित है।
समझौते के तहत टोक्यो इलेक्ट्रॉन वेफर निर्माण के महत्वपूर्ण चरणों जैसे केमिकल वेपर डिपोजिशन (सीवीडी), प्लाज्मा नक्काशी (एचिंग), और वेफर सफाई प्रणालियों के लिए आवश्यक उपकरण उपलब्ध कराएगा। इसके अतिरिक्त टीईएल भारतीय इंजीनियरों को जटिल नैनो-स्केल क्लीनरूम टूल्स के संचालन में प्रशिक्षित करने के लिए विशेष तकनीकी केंद्र स्थापित करेगा।
अत्याधुनिक उपकरणों की आपूर्ति और कार्यबल प्रशिक्षण
ताइवान की पावरचिप सेमीकंडक्टर मैन्युफैक्चरिंग कॉरपोरेशन (पीएसएमसी) के तकनीकी सहयोग से बन रहा ढोलेरा प्लांट भारत का पहला व्यावसायिक स्तर का सेमीकंडक्टर फाउंड्री होगा। यह प्लांट 28 नैनोमीटर, 40 नैनोमीटर और 55 नैनोमीटर क्षमता वाले चिप्स का उत्पादन करेगा, जिनकी घरेलू और अंतरराष्ट्रीय बाजार में भारी मांग है।
पूरी क्षमता से शुरू होने के बाद ढोलेरा संयंत्र प्रति माह 50,000 वेफर तैयार करने में सक्षम होगा। यहां निर्मित होने वाली चिप्स का उपयोग इलेक्ट्रिक वाहनों, ऑटोमोबाइल इलेक्ट्रॉनिक्स, 5जी दूरसंचार बुनियादी ढांचे और आर्टिफिशियल इंटेलिजेंस (एआई) उपकरणों में किया जाएगा।
“Partnering with Tokyo Electron accelerates our journey toward establishing India's first commercial semiconductor manufacturing ecosystem, ensuring world-class process precision from day one.” — रणधीर ठाकुर, सीईओ और प्रबंध निदेशक, टाटा इलेक्ट्रॉनिक्स
भारत को सेमीकंडक्टर हब बनाने की दिशा में ऐतिहासिक कदम
यह साझेदारी केंद्र सरकार के 10 अरब डॉलर के 'इंडिया सेमीकंडक्टर मिशन' (आईएसएम) के लक्ष्यों को गति देती है, जिसके तहत सरकार पात्र परियोजनाओं को 50% तक वित्तीय सहायता दे रही है। भारत में वैश्विक उपकरण आपूर्तिकर्ताओं की उपस्थिति से देश की आपूर्ति श्रृंखला मजबूत होगी।
टोक्यो इलेक्ट्रॉन के अधिकारियों ने कहा कि गुजरात में उनकी उपस्थिति मजबूत वैश्विक चिप आपूर्ति श्रृंखला बनाने में भारत-जापान साझेदारी को दर्शाती है। ढोलेरा में उपकरणों की स्थापना 2025 के अंत में शुरू होगी और 2026 तक वाणिज्यिक उत्पादन शुरू करने का लक्ष्य रखा गया है।
Frequently Asked Questions
ढोलेरा सेमीकंडक्टर प्लांट की कुल अनुमानित लागत कितनी है?
इस मेगा परियोजना की कुल अनुमानित लागत ₹91,000 करोड़ (लगभग 11 अरब डॉलर) है।
टोक्यो इलेक्ट्रॉन इस परियोजना में क्या भूमिका निभाएगा?
टोक्यो इलेक्ट्रॉन उन्नत वेफर प्रोसेसिंग उपकरण प्रदान करेगा और भारतीय तकनीकी दल को विशेष प्रशिक्षण देगा।





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