दुनिया की अग्रणी खनन कंपनी रियो टिंटो ने सोमवार को पुष्टि की कि उसने आर्केडियम लिथियम के अधिग्रहण के लिए आधिकारिक बातचीत शुरू कर दी है, जिससे दुनिया की शीर्ष लिथियम उत्पादक कंपनियों में से एक का गठन हो सकता है।
दोनों कंपनियों ने अलग-अलग बयानों में पुष्टि की कि बातचीत प्रारंभिक दौर में है, जिसके बाद न्यूयॉर्क स्टॉक एक्सचेंज में आर्केडियम के शेयरों में 30 प्रतिशत से अधिक का भारी उछाल देखा गया।
बैटरी रसायनों में वैश्विक स्तर पर शीर्ष स्थान हासिल करने की योजना
आर्केडियम लिथियम का गठन इसी वर्ष ऑलकेम और लिवेंट के विलय से हुआ था, जिसके पास अर्जेंटीना के लिथियम त्रिकोण में नमकीन जल परियोजनाएं और पश्चिमी ऑस्ट्रेलिया में समृद्ध खदानें मौजूद हैं।
यह अधिग्रहण प्रस्ताव ऐसे समय में आया है जब वैश्विक स्तर पर लिथियम की कीमतें अपने 2022 के उच्चतम स्तर से 80 प्रतिशत से अधिक गिर चुकी हैं, जिससे दिग्गज कंपनियों को सस्ते में संपत्ति खरीदने का मौका मिला है।
“This proposed transaction accelerates Rio Tinto's energy transition strategy by securing high-grade, low-carbon lithium assets with substantial brownfield expansion potential.” — Rio Tinto Executive Committee
ऊर्जा संक्रमण में कम कीमतों का रणनीतिक लाभ उठाने की रणनीति
रियो टिंटो के मुख्य कार्यकारी जैकब स्टॉशोम ने ऊर्जा संक्रमण धातुओं में दीर्घकालिक विकास को प्राथमिकता दी है, ताकि लौह अयस्क से आने वाले मुनाफे को तांबे और लिथियम जैसे भविष्य के खनिजों में लगाया जा सके।
विश्लेषकों का मानना है कि यह सौदा 6 अरब डॉलर से अधिक का हो सकता है, हालांकि इसे अंतिम रूप देने से पहले ऑस्ट्रेलिया, कनाडा और अमेरिका के नियामक प्राधिकरणों से मंजूरी लेनी होगी।
Frequently Asked Questions
आर्केडियम लिथियम के पास कौन-सी प्रमुख संपत्तियां हैं?
कंपनी के पास अर्जेंटीना में लिथियम नमकीन परियोजनाएं, ऑस्ट्रेलिया में खदानें और अमेरिका में रासायनिक प्रसंस्करण संयंत्र हैं।
रियो टिंटो इस समय लिथियम में क्यों निवेश कर रहा है?
कीमतों में मंदी का लाभ उठाकर वह भविष्य में इलेक्ट्रिक वाहनों की भारी मांग के लिए आपूर्ति सुरक्षित कर रहा है।





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