सूर्य के सक्रिय क्षेत्र सनस्पॉट AR3842 में इस सौर चक्र का अब तक का सबसे भयंकर विस्फोट दर्ज किया गया, जब वहां से X9.05 श्रेणी का विशाल सोलर फ्लेयर फूटा। नासा और अमेरिकी राष्ट्रीय महासागरीय एवं वायुमंडलीय प्रशासन (NOAA) के उपग्रहों ने पराबैंगनी किरणों के इस जबर्दस्त उत्सर्जन को तब कैद किया जब यह सनस्पॉट पृथ्वी की दिशा में था।

फ्लेयर से निकले विकिरण के तत्काल प्रभाव से प्रशांत महासागरीय क्षेत्र में उच्च-आवृत्ति वाले शॉर्टवेव रेडियो संचार में भारी रुकावट आई। विमानन सेवाओं और समुद्री जहाजों द्वारा उपयोग किए जाने वाले संचार तंत्र आयनमंडल में हुए इस आकस्मिक विक्षोभ से कुछ समय के लिए बाधित हुए।

सोलर साइकिल 25 का सबसे शक्तिशाली विस्फोट और रेडियो ब्लैकआउट

नासा और यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी के सोहो (SOHO) अंतरिक्ष यान के कोरोनोग्राफ चित्रों से पुष्टि हुई कि इस फ्लेयर के साथ तीव्र कोरोनल मास इजेक्शन (सीएमई) भी हुआ। एक हजार किलोमीटर प्रति सेकंड से अधिक गति से यात्रा कर रहा सौर प्लाज्मा सीधे पृथ्वी के चुंबकीय क्षेत्र की ओर बढ़ रहा है।

प्लाज्मा तरंग के पृथ्वी से टकराने की आशंका को देखते हुए नोआ के अंतरिक्ष मौसम भविष्यवाणी केंद्र ने G3 (तीव्र) भू-चुंबकीय तूफान की चेतावनी जारी की। बिजली ग्रिड संचालकों और उपग्रह संचार ऑपरेटरों को संभावित वोल्टेज उतार-चढ़ाव और ड्रैग के प्रति सतर्क रहने के निर्देश दिए गए हैं।

“An X9.0-class flare represents exceptional solar activity near the peak of Solar Cycle 25. We are closely monitoring the resulting coronal mass ejections for potential satellite communications and power grid impacts.” — अंतरिक्ष मौसम भविष्यवाणी केंद्र (NOAA)

कोरोनल मास इजेक्शन और बिजली ग्रिड व उपग्रहों पर निगरानी

सौर भौतिकविदों का कहना है कि सोलर साइकिल 25 प्रारंभिक अनुमानों की तुलना में काफी अधिक सक्रिय साबित हो रहा है। 11 वर्षीय सौर चक्र के अपने चरम पर पहुंचने के साथ, AR3842 जैसे जटिल चुंबकीय क्षेत्रों वाले सनस्पॉट में भारी ऊर्जा का संचय और विस्फोट होना स्वाभाविक माना जा रहा है।

इस सौर तूफान के कारण उत्तरी अमेरिका और यूरोप के अपेक्षाकृत निचले अक्षांशों पर भी आकाश में भव्य ध्रुवीय ज्योति (ऑरोरा) दिखाई देने का अनुमान है। वैज्ञानिक सौर सतह पर सक्रिय अन्य चुंबकीय क्षेत्रों की हलचल पर भी लगातार नजर बनाए हुए हैं।

Frequently Asked Questions

सनस्पॉट AR3842 का सोलर फ्लेयर कितना शक्तिशाली था?

यह X9.05 श्रेणी का फ्लेयर था, जो सोलर साइकिल 25 के दौरान दर्ज हुआ अब तक का सबसे शक्तिशाली विस्फोट है।

इस विस्फोट के बाद नोआ ने क्या चेतावनी जारी की?

नोआ ने पृथ्वी की ओर बढ़ते सौर प्लाज्मा के मद्देनजर G3 (तीव्र) भू-चुंबकीय तूफान की चेतावनी जारी की है।

Sources