यूरोपीय अंतरिक्ष एजेंसी (ईएसए) के हेरा ग्रहीय रक्षा अंतरिक्ष यान ने सोमवार को फ्लोरिडा के केप कैनावेरल स्पेस फोर्स स्टेशन से स्पेसएक्स फाल्कन 9 रॉकेट के जरिए गहरे अंतरिक्ष के लिए सफलतापूर्वक उड़ान भरी।
प्रक्षेपण के लगभग 76 मिनट बाद अंतरिक्ष यान रॉकेट के दूसरे चरण से सफलतापूर्वक अलग हो गया, जिसके तुरंत बाद जर्मनी के डार्मस्टाट स्थित मिशन नियंत्रण केंद्र से संपर्क स्थापित हो गया।
यूरोप का पहला समर्पित ग्रहीय रक्षा अभियान
हेरा मिशन क्षुद्रग्रहों से पृथ्वी की रक्षा के अंतरराष्ट्रीय प्रयासों का हिस्सा है, जो नासा के 2022 में संपन्न डार्ट (DART) मिशन के परिणामों का विस्तृत वैज्ञानिक मूल्यांकन करेगा।
दो साल की अपनी लंबी यात्रा के दौरान हेरा 2025 की शुरुआत में मंगल ग्रह के पास से गुजरेगा और अंततः 2026 के अंत में डिडिमोस क्षुद्रग्रह प्रणाली तक पहुंचेगा।
“Hera is Europe's bold contribution to planetary defense, providing the essential ground-truth measurements needed to transform asteroid deflection from an experiment into a repeatable defense tool.” — Josef Aschbacher, Director General of the European Space Agency
क्षुद्रग्रह विक्षेपण प्रयोग के परिणामों का गहन अध्ययन
डिडिमोस तक पहुंचने पर हेरा दो छोटे क्यूबसैट मिलानी और जुवेंटास को तैनात करेगा, जो क्षुद्रग्रह के गड्ढे की त्रि-आयामी मैपिंग और आंतरिक रडार स्कैनिंग करेंगे।
वैज्ञानिकों का मानना है कि हेरा द्वारा जुटाए गए आंकड़े भविष्य में पृथ्वी की ओर आने वाले संभावित खतरनाक क्षुद्रग्रहों को सुरक्षित रूप से मोड़ने की तकनीक को सिद्ध करने में मील का पत्थर साबित होंगे।
Frequently Asked Questions
हेरा मिशन का मुख्य वैज्ञानिक उद्देश्य क्या है?
हेरा नासा के डार्ट अंतरिक्ष यान की टक्कर के बाद डिमॉर्फोस क्षुद्रग्रह के द्रव्यमान, गड्ढे के आकार और संरचना का सटीक अध्ययन करेगा।
हेरा अंतरिक्ष यान डिडिमोस क्षुद्रग्रह तक कब पहुंचेगा?
यह यान 2025 में मंगल ग्रह की गुरुत्वाकर्षण सहायता लेने के बाद 2026 के उत्तरार्ध में डिडिमोस प्रणाली में प्रवेश करेगा।





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