भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड (सेबी) ने इक्विटी इंडेक्स डेरिवेटिव्स बाजार में अत्यधिक सट्टेबाजी और खुदरा निवेशकों के भारी नुकसान को रोकने के लिए छह सूत्रीय व्यापक रूपरेखा अधिसूचित की है। हालिया सरकारी रिपोर्टों में खुलासा हुआ था कि 90 प्रतिशत से अधिक व्यक्तिगत डेरिवेटिव ट्रेडर्स भारी वित्तीय घाटा उठा रहे हैं, जिसे देखते हुए यह सख्त कदम उठाया गया है।

नए दिशानिर्देशों के तहत, इंडेक्स डेरिवेटिव्स के लिए न्यूनतम अनुबंध आकार को मौजूदा ₹5 लाख से बढ़ाकर ₹15 लाख कर दिया गया है। बाजार की चाल के आधार पर इसे ₹15 लाख से ₹20 लाख के दायरे में रखा जाएगा। अनुबंध का आकार बड़ा होने से सीमित पूंजी वाले छोटे सटोरियों की बाजार तक सीधी पहुंच सीमित होगी।

खुदरा निवेशकों की पूंजी डूबने से बचाने के लिए सेबी का बड़ा कदम

सेबी ने वीकली एक्सपायरी में बड़ा फेरबदल करते हुए प्रत्येक स्टॉक एक्सचेंज को प्रति सप्ताह केवल एक बेंचमार्क इंडेक्स में ही वीकली कॉन्ट्रैक्ट जारी करने की अनुमति दी है। इससे नेशनल स्टॉक एक्सचेंज और बॉम्बे स्टॉक एक्सचेंज में हर दिन होने वाली एक्सपायरी की होड़ समाप्त हो जाएगी।

ब्रोकरों के लिए अब विकल्प खरीदारों से अग्रिम रूप से प्रीमियम जमा कराना अनिवार्य कर दिया गया है। पहले दिन के दौरान मार्जिन की छूट मिलने के कारण ट्रेडर अपनी क्षमता से कई गुना बड़े सौदे कर लेते थे, जिससे बाजार में अचानक गिरावट आने पर भारी नुकसान होता था।

“ये उपाय निवेशक सुरक्षा को मजबूत करने, प्रणालीगत अस्थिरता को कम करने और इक्विटी डेरिवेटिव्स में प्रतिभागियों के विवेकपूर्ण जोखिम को सुनिश्चित करने के लिए बनाए गए हैं।” — भारतीय प्रतिभूति और विनिमय बोर्ड परिपत्र

मार्जिन नियमों में सख्ती और वीकली एक्सपायरी पर नियंत्रण से बदलेगा बाजार

एक्सपायरी के दिन ऑप्शन सेलर्स के लिए 2 प्रतिशत का अतिरिक्त एक्सट्रीम लॉस मार्जिन लगाया गया है। इसके साथ ही एक्सपायरी वाले दिन कैलेंडर स्प्रेड का लाभ भी खत्म कर दिया गया है, जिससे इंट्राडे सट्टेबाजी की लागत काफी बढ़ जाएगी।

इन सुधारों का क्रियान्वयन 20 नवंबर 2024 से विभिन्न चरणों में शुरू होगा। वित्तीय जानकारों का मानना है कि हालांकि अल्पकाल में ट्रेडिंग वॉल्यूम में कमी आ सकती है, लेकिन दीर्घकाल में यह भारतीय पूंजी बाजार को स्थिर और सुरक्षित बनाएगा।

Frequently Asked Questions

सेबी के नए नियमों के तहत न्यूनतम अनुबंध आकार कितना तय किया गया है?

सेबी ने इंडेक्स डेरिवेटिव्स के लिए न्यूनतम अनुबंध आकार ₹5 लाख से बढ़ाकर ₹15 लाख कर दिया है, जो अधिकतम ₹20 लाख तक हो सकता है।

वीकली एक्सपायरी पर सेबी के फैसले का क्या असर होगा?

प्रत्येक एक्सचेंज अब केवल एक बेंचमार्क इंडेक्स पर ही वीकली कॉन्ट्रैक्ट रख सकेगा, जिससे रोजाना होने वाली एक्सपायरी ट्रेडिंग बंद होगी।

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