सऊदी अरब की सरकारी तेल व गैस कंपनी सऊदी अरामको ने अपने महत्वाकांक्षी 'मास्टर गैस सिस्टम' (एमजीएस-3) के तीसरे विस्तार चरण के लिए 25 अरब डॉलर से अधिक के इंजीनियरिंग, खरीद और निर्माण (ईपीसी) अनुबंधों को अंतिम रूप दे दिया है। यह दुनिया के ऊर्जा क्षेत्र में अब तक शुरू की गई सबसे बड़ी गैस ट्रांसमिशन पहलों में से एक है।
इस मेगा परियोजना के अंतर्गत अरामको सऊदी अरब के विभिन्न क्षेत्रों में लगभग 4,000 किलोमीटर लंबी उच्च-दबाव वाली गैस पाइपलाइन बिछाएगा और 17 नए गैस कंप्रेशन स्टेशन स्थापित करेगा। इससे गैस ट्रांसमिशन की कुल दैनिक क्षमता में 3.15 अरब मानक क्यूबिक फीट का इजाफा होगा।
औद्योगिक केंद्रों को स्वच्छ ईंधन से जोड़ने वाली दुनिया की सबसे बड़ी गैस परियोजना
1970 के दशक में शुरू हुआ मास्टर गैस सिस्टम शुरुआत में केवल जुबैल और यानबू के औद्योगिक केंद्रों को जोड़ता था। एमजीएस-3 के माध्यम से देश का राष्ट्रीय ग्रिड आधुनिक बनेगा और जाफुरा बेसिन जैसे विशाल गैर-पारंपरिक गैस क्षेत्रों से उत्पादन को पूरे देश में पहुंचाया जा सकेगा।
सऊदी अरामको के शीर्ष नेतृत्व ने इस बात पर जोर दिया कि यह नेटवर्क विस्तार देश के विज़न 2030 के तहत कार्बन उत्सर्जन में कटौती और औद्योगिक विकास की रीढ़ साबित होगा।
“हमारे मास्टर गैस सिस्टम नेटवर्क का विस्तार साम्राज्य के ऊर्जा मिश्रण में विविधता लाने, घरेलू कच्चे तेल के दहन को कम करने और बड़े पैमाने पर औद्योगिक विकास को गति देने के लिए मूलभूत है।” — अमीन एच. नासिर, अध्यक्ष और सीईओ, सऊदी अरामको
घरेलू बिजली में कच्चे तेल की बचत से बढ़ेगा निर्यात और घटेगा उत्सर्जन
घरेलू बिजली संयंत्रों में कच्चे तेल और भारी ईंधन के स्थान पर प्राकृतिक गैस का उपयोग करने से सऊदी अरब रोजाना लाखों बैरल कच्चे तेल की बचत कर सकेगा, जिसे अंतरराष्ट्रीय बाजारों में अधिक कीमत पर निर्यात किया जा सकेगा।
इस परियोजना के अनुबंध दक्षिण कोरिया, चीन, भारत और यूरोप की प्रमुख निर्माण कंपनियों को सौंपे गए हैं। साल 2028 तक पूरी होने वाली यह गैस पाइपलाइन प्रणाली सऊदी अरब के आर्थिक कायाकल्प में ऐतिहासिक भूमिका निभाएगी।
Frequently Asked Questions
सऊदी अरामको के मास्टर गैस सिस्टम विस्तार का मुख्य उद्देश्य क्या है?
बिजली और भारी उद्योगों को प्राकृतिक गैस की आपूर्ति करना ताकि घरेलू संयंत्रों में कच्चे तेल का जलना पूरी तरह बंद किया जा सके।
एमजीएस-3 परियोजना के तहत कुल कितनी नई पाइपलाइन बिछाई जाएगी?
परियोजना के तहत कुल 4,000 किलोमीटर की नई पाइपलाइन और 17 नए गैस कंप्रेशन ट्रेन स्थापित किए जाएंगे।





Comments (0)
Log in to join the discussion.