रवांडा के स्वास्थ्य मंत्रालय और विश्व स्वास्थ्य संगठन (WHO) ने इस पूर्वी अफ्रीकी देश में मारबर्ग वायरस रोग के पहले प्रकोप की पुष्टि के बाद एक तत्काल राष्ट्रव्यापी रोकथाम अभियान शुरू किया है। शनिवार को किगाली में जारी आधिकारिक महामारी विज्ञान अपडेट के अनुसार, प्रयोगशाला परीक्षणों ने देश के 30 में से सात जिलों में 26 पुष्ट मामलों की पहचान की है, जिनमें छह मौतें शामिल हैं और 20 रोगियों का वर्तमान में गहन आइसोलेशन में इलाज चल रहा है।
स्वास्थ्य मंत्री सबिन न्सान्ज़िमाना ने बताया कि पुष्ट संक्रमणों में से लगभग 70 प्रतिशत मामले किगाली के दो प्रमुख रेफरल अस्पतालों में काम करने वाले डॉक्टरों, नर्सों और गहन चिकित्सा कर्मचारियों में पाए गए हैं। रोग निगरानी टीमों ने पुष्ट रोगियों के सीधे संपर्क में आए 300 से अधिक व्यक्तियों की पहचान कर उन्हें दैनिक निगरानी में रखा है, जबकि लक्षण वाले मामलों के उपचार के लिए रवांडा बायोमेडिकल सेंटर में विशेष आइसोलेशन वार्ड सक्रिय किए गए हैं।
उच्च-प्राथमिकता वाली कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और संक्रमण नियंत्रण
मारबर्ग वायरस फिलोविरिडे (Filoviridae) परिवार का एक अत्यंत घातक रोगाणु है—उसी वायरस परिवार से जिससे इबोला संबंधित है—जो फल चमगादड़ों (राउसेटस एजिप्टियाकस) से मनुष्यों में फैलता है और संक्रमित व्यक्ति के शारीरिक तरल पदार्थ, रक्त या दूषित सतहों के सीधे संपर्क से एक व्यक्ति से दूसरे व्यक्ति में फैलता है। यह बीमारी तेज बुखार, गंभीर सिरदर्द और कमजोरी के साथ अचानक शुरू होती है, और अक्सर कुछ ही दिनों में गंभीर रक्तस्रावी लक्षणों में बदल जाती है।
चिकित्सा केंद्रों के भीतर संक्रमण के प्रसार को रोकने के लिए, रवांडा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने किगाली के अस्पतालों में आगंतुकों के मिलने पर प्रतिबंध लगा दिया है, आपातकालीन प्रवेश द्वारों पर अनिवार्य जांच शुरू की है और सुरक्षित व पर्यवेक्षित अंतिम संस्कार प्रोटोकॉल लागू किए हैं। स्कूल, व्यवसाय और अंतर्राष्ट्रीय परिवहन खुले हैं क्योंकि अधिकारियों ने स्पष्ट किया है कि मारबर्ग हवा से नहीं फैलता है और इसके संचरण के लिए निकट शारीरिक संपर्क आवश्यक है।
“हम मारबर्ग के संचरण को रोकने में रवांडा के स्वास्थ्य अधिकारियों की सहायता के लिए आपातकालीन चिकित्सा आपूर्ति, रिंग-कंटेनमेंट विशेषज्ञ और प्रयोगात्मक नैदानिक उपाय तेजी से तैनात कर रहे हैं।” — डॉ. मात्शिदिसो मोएती, अफ्रीका के लिए WHO क्षेत्रीय निदेशक
अंतर्राष्ट्रीय चिकित्सा सहायता और क्लिनिकल परीक्षण की तैयारी
नैरोबी में अपने क्षेत्रीय आपातकालीन केंद्र से, WHO आपातकालीन आकस्मिक कोष से तत्काल सहायता के साथ वायरल रक्तस्रावी बुखार के लिए विशेष व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (PPE) किट, मोबाइल प्रयोगशाला अभिकर्मक और नैदानिक प्रबंधन आपूर्ति किगाली भेज रहा है। कांगो लोकतांत्रिक गणराज्य, युगांडा, तंजानिया और बुरुंडी से सटी सीमा चौकियों पर भी स्वास्थ्य जांच कड़ी कर दी गई है।
यद्यपि वर्तमान में मारबर्ग वायरस रोग के लिए कोई पूर्ण रूप से लाइसेंस प्राप्त टीका या एंटीवायरल उपचार उपलब्ध नहीं है, फिर भी WHO R&D ब्लूप्रिंट कंसोर्टियम और रवांडा के नियामक फ्रंटलाइन स्वास्थ्य कर्मियों के लिए रिंग-टीकाकरण परीक्षण प्रोटोकॉल के तहत प्रायोगिक वैक्सीन उम्मीदवारों—जिसमें सबिन वैक्सीन इंस्टीट्यूट का ChAd3-MARV उम्मीदवार शामिल है—और प्रायोगिक मोनोक्लोनल एंटीबॉडी व रेमडेसिविर को तैनात करने के लिए त्वरित मंजूरी दे रहे हैं।
Frequently Asked Questions
रवांडा में मारबर्ग वायरस के कितने मामलों की पुष्टि हुई है?
रवांडा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने सात जिलों में मारबर्ग वायरस के 26 मामलों और छह मौतों की पुष्टि की है, जिनमें से लगभग 70 प्रतिशत मामले किगाली के स्वास्थ्य कर्मियों से संबंधित हैं।
मारबर्ग वायरस कैसे फैलता है और इसे कैसे नियंत्रित किया जाता है?
मारबर्ग वायरस संक्रमित लोगों के शारीरिक तरल पदार्थों या दूषित वस्तुओं के सीधे संपर्क से फैलता है; इसे रोगी आइसोलेशन, सख्त पीपीई उपयोग, कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग और सुरक्षित अंतिम संस्कार प्रक्रियाओं से रोका जाता है।




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