यूरोपीय संघ के सदस्य देशों ने चीन से आयात होने वाले बैटरी इलेक्ट्रिक वाहनों पर दंडात्मक आयात शुल्क लगाने के प्रस्ताव को औपचारिक रूप से मंजूरी दे दी है, जिससे कुल शुल्क बढ़कर 45.3 प्रतिशत तक पहुंच जाएगा।
यह निर्णय यूरोपीय आयोग द्वारा एक वर्ष तक की गई गहन सब्सिडी-रोधी जांच के बाद आया है, जिसमें पाया गया कि बीजिंग द्वारा दी जा रही भारी वित्तीय सब्सिडी यूरोपीय वाहन निर्माताओं के लिए अनुचित प्रतिस्पर्धा पैदा कर रही है।
सब्सिडी रोधी जांच के बाद सदस्य देशों की मिली ऐतिहासिक मंजूरी
नए नियमों के तहत मूल 10 प्रतिशत शुल्क के अतिरिक्त चीनी कंपनियों पर अलग-अलग दरें लागू होंगी, जिसमें बीवाईडी पर 17%, गीली पर 18.8% और एसएआईसी पर 35.3% का अतिरिक्त शुल्क लगाया जाएगा।
इस मतदान ने 27 सदस्यीय ब्लॉक के भीतर गहरे मतभेदों को उजागर किया; फ्रांस और इटली सहित 10 देशों ने पक्ष में मतदान किया, जबकि जर्मनी और हंगरी सहित पांच देशों ने चीनी जवाबी कार्रवाई के डर से विरोध किया।
“Our anti-subsidy investigation established clear evidence that unfair state subsidies threaten European automotive manufacturers. These measures defend fair competition and industrial jobs across the single market.” — European Commission Directorate-General for Trade
यूरोपीय उद्योगों के विभाजन और संभावित चीनी जवाबी कार्रवाई की चिंता
जर्मन कार निर्माताओं ने इस फैसले पर निराशा व्यक्त की है और चेतावनी दी है कि चीन द्वारा यूरोपीय लक्जरी कारों और कृषि उत्पादों पर जवाबी शुल्क लगाए जाने से वैश्विक ऑटो उद्योग प्रभावित हो सकता है।
यूरोपीय आयोग ने स्पष्ट किया है कि नवंबर की शुरुआत में नियम प्रभावी होने तक चीनी वार्ताकारों के साथ न्यूनतम मूल्य तंत्र जैसे वैकल्पिक समाधानों पर चर्चा जारी रहेगी।
Frequently Asked Questions
चीनी इलेक्ट्रिक वाहनों पर यूरोपीय संघ का कुल शुल्क कितना होगा?
आधारभूत 10 प्रतिशत शुल्क और नए 35.3 प्रतिशत तक के शुल्क को मिलाकर कुल आयात शुल्क अधिकतम 45.3 प्रतिशत होगा।
किन देशों ने चीनी वाहनों पर शुल्क लगाने का विरोध किया?
जर्मनी, हंगरी, स्लोवाकिया, स्लोवेनिया और माल्टा ने इन शुल्कों के खिलाफ मतदान किया।





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