भारतीय रिजर्व बैंक (आरबीआई) की मौद्रिक नीति समिति (एमपीसी) ने बुधवार को 5-1 के बहुमत से प्रमुख नीतिगत रेपो दर को लगातार दसवीं द्विमासिक बैठक में 6.50 प्रतिशत पर अपरिवर्तित रखने का फैसला किया, साथ ही सर्वसम्मति से अपने रुख को 'तटस्थ' में बदल दिया।

नीतिगत रुख में यह ऐतिहासिक बदलाव जून 2022 के बाद पहली बार हुआ है। 'तटस्थ' रुख अपनाने से केंद्रीय बैंक को भविष्य में आर्थिक परिस्थितियों के अनुरूप ब्याज दरों में कटौती करने या उन्हें स्थिर रखने का अधिक लचीलापन मिलेगा।

लगातार दसवीं बैठक में स्थिरता और तटस्थ रुख का फैसला

मुंबई में नीतिगत घोषणा करते हुए आरबीआई गवर्नर शक्तिकांत दास ने कहा कि भारतीय अर्थव्यवस्था मजबूत विकास और घटती कोर महंगाई के दौर में है, हालांकि खाद्य कीमतों में बार-बार आने वाले उछाल पर लगातार निगरानी की जरूरत बनी हुई है।

केंद्रीय बैंक ने चालू वित्त वर्ष 2024-25 के लिए भारत की वास्तविक जीडीपी विकास दर का अनुमान 7.2 प्रतिशत पर बरकरार रखा, जिसे मजबूत घरेलू मांग, विनिर्माण गतिविधियों में तेजी और सरकारी पूंजीगत व्यय से समर्थन मिल रहा है।

“The shift in stance to neutral provides greater flexibility to the MPC to monitor evolving inflation and growth dynamics while maintaining our focus on durably aligning inflation to the four percent target.” — Shaktikanta Das, Governor of the Reserve Bank of India

खाद्य महंगाई की चुनौतियों के बीच मजबूत विकास दर का अनुमान

चालू वित्त वर्ष के लिए खुदरा मुद्रास्फीति 4.5 प्रतिशत रहने का अनुमान लगाया गया है। गवर्नर दास ने स्पष्ट किया कि यद्यपि सब्जियों और खाद्य वस्तुओं की कीमतों में उतार-चढ़ाव है, लेकिन मुख्य कोर मुद्रास्फीति 3.4 प्रतिशत के निचले स्तर पर बनी हुई है।

शेयर बाजारों ने आरबीआई के इस रुख का सकारात्मक स्वागत किया। बीएसई सेंसेक्स और निफ्टी में मजबूती दर्ज की गई, क्योंकि निवेशकों को उम्मीद है कि 2025 की शुरुआत में केंद्रीय बैंक दरों में कटौती का चक्र शुरू कर सकता है।

Frequently Asked Questions

आरबीआई के तटस्थ रुख अपनाने का आम जनता और कर्जदारों पर क्या असर होगा?

तटस्थ रुख का मतलब है कि ब्याज दरों में बढ़ोतरी का दौर समाप्त हो चुका है और आने वाली तिमाहियों में होम लोन और ऑटो लोन की ईएमआई घटने का रास्ता साफ हो सकता है।

आरबीआई ने चालू वित्त वर्ष के लिए जीडीपी विकास दर का क्या अनुमान लगाया है?

रिजर्व बैंक ने मजबूत घरेलू मांग और निवेश के दम पर वित्त वर्ष 2024-25 के लिए आर्थिक वृद्धि दर 7.2 प्रतिशत रहने का अनुमान जताया है।

Sources