अमेरिकी फेडरल रिजर्व की सितंबर मौद्रिक नीति बैठक के मिनट्स से बुधवार को स्पष्ट हुआ कि अधिकांश नीति निर्माताओं ने ब्याज दरों में चार साल बाद पहली बार की गई कटौती को 50 आधार अंकों की आक्रामक दर से शुरू करने का पुरजोर समर्थन किया था।

बैठक के विवरण के अनुसार, एफओएमसी सदस्यों का मानना था कि ब्याज दरों को 4.75%-5.00% के दायरे में लाने के लिए आधा प्रतिशत की बड़ी कटौती आवश्यक थी ताकि घटती महंगाई के बीच अमेरिकी रोजगार बाजार को सुस्ती से बचाया जा सके।

मौद्रिक नीति पुनर्संतुलन के लिए बड़ी कटौती पर व्यापक सहमति

मिनट्स में रेखांकित किया गया कि लगभग सभी सदस्यों ने सहमति जताई कि महंगाई के 2 प्रतिशत के लक्ष्य तक पहुंचने की राह मजबूत हुई है, जबकि श्रम बाजार के संकेतकों से पता चलता है कि नई भर्तियों की रफ्तार धीमी हो रही है।

यद्यपि निर्णय 11-1 के भारी बहुमत से पारित हुआ, लेकिन दस्तावेजों से पता चलता है कि कुछ प्रतिभागियों ने 25 आधार अंकों की सामान्य कटौती का समर्थन करने पर विचार किया था, ताकि बाजार को अत्यधिक आक्रामक नीति का संदेश न जाए।

“Almost all participants judged that the upside risks to inflation had diminished, while downside risks to employment were seen as having increased, warranting a recalibration of monetary policy.” — Federal Open Market Committee Minutes

महंगाई में कमी और रोजगार बाजार पर बढ़ते दबाव की समीक्षा

फेड गवर्नर मिशेल बोमन इस फैसले के खिलाफ मतदान करने वाली एकमात्र सदस्य थीं। उनका तर्क था कि पहले ही कदम में बड़ी कटौती करने से यह संदेश जा सकता है कि केंद्रीय बैंक ने मुद्रास्फीति के खिलाफ जीत की समयपूर्व घोषणा कर दी है।

आगामी नीतिगत कदमों के संदर्भ में अधिकारियों ने दोहराया कि आगे का रास्ता आर्थिक आंकड़ों पर निर्भर करेगा, जबकि वित्तीय बाजार नवंबर और दिसंबर की बैठकों में 25-25 आधार अंकों की अतिरिक्त कटौती की उम्मीद कर रहे हैं।

Frequently Asked Questions

फेडरल रिजर्व ने 25 के बजाय 50 आधार अंकों की बड़ी कटौती क्यों की?

अधिकांश अधिकारियों का मानना था कि रोजगार बाजार को सुस्ती से बचाने और नीतिगत दरों को पुनर्संतुलित करने के लिए बड़ी कटौती जरूरी थी।

ब्याज दर में इस बड़ी कटौती का विरोध किसने किया था?

गवर्नर मिशेल बोमन ने 50 आधार अंकों की कटौती का विरोध करते हुए 25 आधार अंकों की छोटी कटौती के पक्ष में असहमति जताई थी।

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