इंडोनेशिया के पश्चिमी पापुआ के बीहड़ पहाड़ी जंगलों में अलगाववादी विद्रोहियों द्वारा 19 महीने तक बंधक बनाकर रखे गए न्यूजीलैंड के पायलट फिलिप मार्क मेहरटेंस को सोमवार को सकुशल रिहा कर दिया गया। 38 वर्षीय वाणिज्यिक पायलट का अपहरण फरवरी 2023 में हुआ था, और उनकी रिहाई से एक लंबी अंतरराष्ट्रीय कूटनीतिक चिंता का सुखद अंत हुआ है।

मेहरटेंस को 7 फरवरी 2023 को उस समय अगवा कर लिया गया था जब उन्होंने सुसी एयर के पिलाटस पीसी-6 विमान को न्दुगा रीजेंसी की पारो हवाई पट्टी पर उतारा था। वेस्ट पापुआ नेशनल लिबरेशन आर्मी (TPNPB) के हथियारबंद विद्रोहियों ने विमान को आग लगा दी थी और पापुआ की आजादी की मांग करते हुए पायलट को घने जंगलों में ले गए थे।

शांत कूटनीति और स्थानीय मध्यस्थता से टूटा बंधक गतिरोध

पिछले 592 दिनों के दौरान इंडोनेशियाई सुरक्षा बलों और न्यूजीलैंड के राजनयिकों ने किसी भी हिंसक सैन्य कार्रवाई से बचते हुए 'सॉफ्ट अप्रोच' और स्थानीय सामुदायिक मध्यस्थता को प्राथमिकता दी। स्थानीय चर्च के पादरियों, आदिवासी बुजुर्गों और अधिकारियों ने दुर्गम इलाकों में महीनों तक विद्रोहियों से संपर्क बनाए रखा।

इस कूटनीतिक प्रयास को सप्ताहांत में उस समय सफलता मिली जब विद्रोहियों ने मेहरटेंस को युगुरु गांव में मध्यस्थों को सौंपने पर सहमति जताई। इंडोनेशियाई सेना के एक हेलीकॉप्टर ने उन्हें तिमिका एयरबेस पहुंचाया, जहां प्रारंभिक स्वास्थ्य जांच में उनका स्वास्थ्य सामान्य पाया गया।

“हम बेहद राहत और खुशी महसूस कर रहे हैं कि फिलिप मेहरटेंस सुरक्षित और स्वस्थ हैं। यह परिणाम न्यूजीलैंड और इंडोनेशियाई अधिकारियों के बीच धैर्यपूर्ण कूटनीति का प्रमाण है।”

भावुक पारिवारिक पुनर्मिलन और द्विपक्षीय सहयोग की सराहना

तिमिका पहुंचने के कुछ ही देर बाद एक भावुक वीडियो कॉल के जरिए मेहरटेंस ने जकार्ता में मौजूद अपनी पत्नी और छोटे बेटे से बात की। इंडोनेशियाई सुरक्षा अधिकारियों ने शांतिपूर्ण समाधान निकालने के लिए ऑपरेशन कार्टेंज़ टास्क फोर्स और स्थानीय मध्यस्थों के धैर्य की सराहना की।

इसके बाद मेहरटेंस को सैन्य विमान से जकार्ता ले जाया गया, जहां उन्हें औपचारिक रूप से न्यूजीलैंड के राजदूत को सौंपा गया, ताकि वे अपने परिवार के पास सुरक्षित लौट सकें।

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