जुलाई के मध्यावधि चुनावों के बाद उपजे राजनीतिक संकट को समाप्त करने के प्रयास में फ्रांसीसी प्रधानमंत्री मिशेल बार्नियर ने राष्ट्रपति इमैनुएल मैक्रों को अपने नए मंत्रिमंडल की सूची आधिकारिक रूप से सौंप दी है। 38 सदस्यीय इस टीम में मैक्रों के मध्यमार्गी गुट और बार्नियर की दक्षिणपंथी लेस रिपब्लिकन्स पार्टी के नेता शामिल हैं।
73 वर्षीय अनुभवी कूटनीतिज्ञ और यूरोपीय संघ के पूर्व ब्रेक्जिट वार्ताकार बार्नियर को दो सप्ताह पहले ही विभाजित नेशनल असेंबली में सरकार चलाने का जिम्मा सौंपा गया था।
त्रिशंकु संसद में मध्य-दक्षिणपंथी गठबंधन की परीक्षा
नई कैबिनेट में दक्षिणपंथी नेता ब्रूनो रिटेल्यू को शक्तिशाली गृह मंत्रालय सौंपे जाने की संभावना है, जो कानून-व्यवस्था और आव्रजन पर कड़े रुख के लिए जाने जाते हैं।
इस अल्पमत सरकार को तुरंत बड़े इम्तिहान से गुजरना होगा, क्योंकि यूरोपीय संघ के नियमों के उल्लंघन के चलते फ्रांस को भारी वित्तीय घाटे का सामना करना पड़ रहा है और 1 अक्टूबर तक 2025 का बजट पेश करना अनिवार्य है।
“फ्रांस को एक ऐसी सरकार की जरूरत है जो तुरंत कार्रवाई कर सके। हमने बिना किसी वैचारिक दिखावे के देश की सेवा के लिए एक अनुभवी टीम बनाई है।”
वित्तीय घाटे का संकट और अविश्वास प्रस्ताव का मंडराता खतरा
संसद में सरकार की राह बेहद कठिन है। वामपंथी गठबंधन न्यू पॉपुलर फ्रंट (NFP) ने पहले ही घोषणा कर दी है कि वे सत्र शुरू होते ही सरकार के खिलाफ अविश्वास प्रस्ताव लाएंगे।
ऐसे में बार्नियर सरकार का भविष्य काफी हद तक मरीन ले पेन की धुर-दक्षिणपंथी नेशनल रैली (RN) के रुख पर निर्भर करेगा, जिसने बजट प्रस्तावों को देखने के बाद ही कोई अंतिम फैसला लेने की चेतावनी दी है।




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