दक्षिण-पूर्व एशिया की पहली वाणिज्यिक बुलेट ट्रेन 'हूश (Whoosh)' ने अपनी सेवा का एक वर्ष सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस पहले साल में 57.9 लाख से अधिक यात्रियों ने इस ट्रेन से यात्रा की। पीटी केरेटा सेपत इंडोनेशिया-चाइना (केसीआईसी) द्वारा जारी आंकड़ों के अनुसार, इस हाई-स्पीड रेल ने राजधानी जकार्ता और प्रमुख सांस्कृतिक शहर बांडुंग के बीच की यात्रा को पूरी तरह बदल कर रख दिया है।

पश्चिम जावा में 142.3 किलोमीटर के ट्रैक पर संचालित होने वाली इस ट्रेन ने 12 महीनों में 15,800 से अधिक फेरे पूरे किए। 350 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से दौड़ने वाली इस इलेक्ट्रिक ट्रेन ने दोनों शहरों के बीच यात्रा के समय को तीन घंटे से घटाकर महज 45 मिनट कर दिया है, जिससे राजमार्गों पर लगने वाले भीषण जाम से लोगों को राहत मिली है।

जकार्ता-बांडुंग कॉरिडोर पर 45 मिनट में सफर, बदल गई आवाजाही की तस्वीर

केसीआईसी ने बताया कि पूरे वर्ष के दौरान ट्रेन का समय की पाबंदी का रिकॉर्ड 98 प्रतिशत से अधिक रहा। शुरुआत में सप्ताहांत में घूमने वाले पर्यटकों की संख्या अधिक थी, लेकिन धीरे-धीरे दैनिक कामकाजी लोगों ने भी इसे अपना मुख्य साधन बना लिया। यात्रियों की भारी मांग को देखते हुए दैनिक फेरों की संख्या 14 से बढ़ाकर 48 कर दी गई है।

इस हाई-स्पीड रेल ने इसके चारों प्रमुख स्टेशनों- हलीम, करावांग, पादलारंग और तेगल्लुआर के आसपास के स्थानीय व्यापार को नई गति दी है। स्टेशनों के आसपास छोटे और मध्यम व्यवसायों की आय में भारी वृद्धि हुई है, जबकि बांडुंग के होटल और रेस्तरां उद्योग को राजधानी से आने वाले पर्यटकों का बड़ा लाभ मिला है।

“हूश ने जकार्ता और बांडुंग के बीच क्षेत्रीय गतिशीलता और आर्थिक उत्पादकता को बुनियादी रूप से बदल दिया है। पहले साल में लगभग 60 लाख यात्रियों का सफर इस आधुनिक रेल की भारी मांग को साबित करता है।” — द्वियाना सलामत रियादी, अध्यक्ष निदेशक, पीटी केसीआईसी

पश्चिम जावा के पर्यटन को मिला बढ़ावा और सुरबाया तक विस्तार की योजना

इंडोनेशिया के परिवहन मंत्री बुदी कार्य सुमादी ने इस परियोजना की सराहना करते हुए कहा कि निजी वाहनों की संख्या कम होने से सड़कों पर प्रदूषण और कार्बन उत्सर्जन में उल्लेखनीय गिरावट आई है।

पहले वर्ष की शानदार सफलता से उत्साहित इंडोनेशियाई सरकार अब इस हाई-स्पीड कॉरिडोर को पूर्व की ओर सुरबाया तक बढ़ाने की संभावनाओं पर विचार कर रही है। 700 किलोमीटर से अधिक लंबे इस प्रस्तावित विस्तार से पूरे जावा द्वीप पर एक आधुनिक परिवहन नेटवर्क स्थापित हो सकेगा।

Frequently Asked Questions

हूश बुलेट ट्रेन ने पहले साल में कितने यात्रियों को यात्रा कराई?

ट्रेन ने अपने पहले साल में 15,800 से अधिक फेरों के माध्यम से 57.9 लाख यात्रियों को यात्रा कराई।

हूश ट्रेन की अधिकतम परिचालन गति कितनी है?

हूश बुलेट ट्रेन जकार्ता-बांडुंग रूट पर 350 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से चलती है।

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