इंडोनेशिया की पहली हाई-स्पीड ट्रेन 'हूश' (Whoosh) ने अपने वाणिज्यिक संचालन का एक साल सफलतापूर्वक पूरा कर लिया है। इस दौरान दक्षिण-पूर्व एशिया की इस पहली बुलेट ट्रेन से 54 लाख से अधिक यात्रियों ने सफर किया। संयुक्त संचालक पीटी केरेटा सेपत इंडोनेशिया-चाइना (केसीआईसी) के अनुसार ट्रेन ने 15,000 फेरे 99.9% समयबद्धता के साथ पूरे किए।
पूर्वी जकार्ता के हलीम स्टेशन से बांडुंग के तेगललुआर तक 142.3 किलोमीटर की दूरी तय करने वाली इस ट्रेन ने यात्रा के अनुभव को पूरी तरह बदल दिया है। सड़क मार्ग से जहां तीन घंटे से अधिक का समय लगता था, वहीं अब यह दूरी महज 45 मिनट में तय हो रही है। यह ट्रेन दैनिक यात्रियों और पर्यटकों की पहली पसंद बन गई है।
जकार्ता और बांडुंग के बीच यात्रा में क्रांतिकारी बदलाव
बढ़ती मांग को देखते हुए ट्रेन सेवाओं का तेजी से विस्तार किया गया है। अक्टूबर 2023 में जब यह सेवा शुरू हुई थी, तब प्रतिदिन केवल 14 फेरे लगाए जाते थे। वर्तमान में प्रतिदिन 48 फेरों का संचालन हो रहा है और सप्ताहांत में ऑक्यूपेंसी 90% से अधिक पहुंच जाती है। व्यस्त दिनों में दैनिक यात्रियों की संख्या 20,000 से अधिक रहती है।
350 किलोमीटर प्रति घंटे की अधिकतम रफ्तार से दौड़ने वाली इस इलेक्ट्रिक ट्रेन ने मार्ग में पड़ने वाले शहरों की अर्थव्यवस्था को भी गति दी है। पदालाारंग और कारावांग जैसे स्टेशनों के आसपास व्यापारिक गतिविधियों, होटलों और पर्यटन में अभूतपूर्व उछाल देखने को मिला है।
“Operating Whoosh safely for over 5.4 million passengers in our first year proves that advanced high-speed rail can fundamentally modernize regional connectivity, business productivity, and tourism in Indonesia.” — द्वियाना स्लैमैट रियादी, अध्यक्ष निदेशक, पीटी केसीआईसी
सफल परिचालन के बाद सुरबाया तक विस्तार की तैयारी
हूश की इस बड़ी सफलता के बाद इंडोनेशियाई सरकार अब इस हाई-स्पीड कॉरिडोर को बांडुंग से आगे सुरबाया तक बढ़ाने पर विचार कर रही है। मध्य और पूर्वी जावा को जोड़ने से देश के दो सबसे बड़े महानगर सीधे जुड़ जाएंगे, जिससे घरेलू उड़ानों पर निर्भरता और कार्बन उत्सर्जन में बड़ी कमी आएगी।
दक्षिण-पूर्व एशियाई देशों के संगठन (आसियान) में हूश आधुनिक बुनियादी ढांचे का बेहतरीन उदाहरण बनकर उभरा है। हरित और पर्यावरण अनुकूल परिवहन को बढ़ावा देने के साथ ही यह क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था के एकीकरण का प्रतीक बन चुका है। दूसरे वर्ष में टिकटिंग और कनेक्टिविटी को और बेहतर बनाया जाएगा।
Frequently Asked Questions
हूश ट्रेन ने पहले साल में कितने यात्रियों को सफर कराया?
ट्रेन ने 15,000 फेरों के माध्यम से कुल 54 लाख से अधिक यात्रियों को सफलतापूर्वक यात्रा कराई।
जकार्ता से बांडुंग पहुंचने में हूश ट्रेन को कितना समय लगता है?
हूश बुलेट ट्रेन 142 किलोमीटर की दूरी को सड़क मार्ग के तीन घंटे के मुकाबले सिर्फ 45 मिनट में तय करती है।





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