हंगरी के बुडापेस्ट में आयोजित 45वें फिडे शतरंज ओलंपियाड में भारत ने शुक्रवार को खेलों के इतिहास में एक नया स्वर्णिम अध्याय लिख दिया। भारतीय पुरुष और महिला टीमों ने शानदार प्रदर्शन करते हुए ओपन और महिला दोनों वर्गों में स्वर्ण पदक जीतकर 'डबल गोल्ड' का ऐतिहासिक कारनामा कर दिखाया।

ओपन वर्ग में युवा भारतीय टीम ने पूरे टूर्नामेंट में दबदबा बनाए रखा और 11 में से 10 मुकाबले जीतकर तथा एक ड्रॉ खेलकर शीर्ष स्थान हासिल किया। भारत ने रजत पदक विजेता चीन और कांस्य पदक विजेता अमेरिका को काफी पीछे छोड़ दिया।

ओपन वर्ग में भारतीय टीम का अजेय और आक्रामक खेल

टीम के लिए पहले बोर्ड पर खेल रहे 18 वर्षीय विश्व चैंपियनशिप चैलेंजर डी गुकेश ने अविश्वसनीय खेल दिखाया। उन्होंने 10 में से 9 अंक अर्जित किए और 3050 से अधिक की परफॉर्मेंस रेटिंग हासिल की। तीसरे बोर्ड पर अर्जुन एरिगैसी ने 11 में से 10 अंक जुटाकर लाइव रेटिंग में विश्व के शीर्ष तीन में जगह बना ली।

आर प्रज्ञानानंद, विदित गुजराती और पी हरिकृष्णा के ठोस योगदान ने भारतीय ओपन टीम को पूरी प्रतियोगिता में लगभग अजेय बना दिया।

“यह भारतीय खेलों के लिए एक स्वर्णिम दिन है। ओलंपियाड में दोहरा स्वर्ण पदक जीतना साबित करता है कि हमारी युवा पीढ़ी अब पूरी दुनिया के लिए पैमाना बन चुकी है।”

महिला टीम की ऐतिहासिक जीत और भारत का स्वर्णिम युग

कुछ ही पलों बाद भारतीय महिला टीम ने भी इतिहास दोहराया। हरिका द्रोणावल्ली, तानिया सचदेव, आर वैशाली, दिव्या देशमुख और वंतिका अग्रवाल की टीम ने अंतिम दौर में अजरबैजान को हराकर महिला वर्ग का पहला ओलंपियाड स्वर्ण पदक अपने नाम किया।

पांच बार के विश्व चैंपियन विश्वनाथन आनंद और प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी ने इस ऐतिहासिक दोहरी जीत की सराहना की। इस जीत ने आधिकारिक तौर पर साबित कर दिया है कि 64 खानों के इस खेल में अब भारत की बादशाहत स्थापित हो चुकी है।

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