अंतरराष्ट्रीय ऊर्जा एजेंसी (IEA) की नवीनतम प्रमुख रिपोर्ट के अनुसार, स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में वैश्विक रोजगार आधिकारिक तौर पर 3.5 करोड़ (35 मिलियन) नौकरियों के आंकड़े को पार कर गया है। इसके साथ ही नवीकरणीय प्रौद्योगिकियां वैश्विक ऊर्जा क्षेत्र में रोजगार का सबसे बड़ा जरिया बन गई हैं।

पेरिस स्थित संगठन की तीसरी वार्षिक 'वर्ल्ड एनर्जी एम्प्लॉयमेंट' रिपोर्ट में खुलासा हुआ कि स्वच्छ ऊर्जा क्षेत्र में कार्यरत लोगों की संख्या जीवाश्म ईंधन क्षेत्र (कोयला, तेल और गैस) के लगभग 3.2 करोड़ कामगारों की तुलना में काफी आगे निकल चुकी है।

जीवाश्म ईंधन की तुलना में स्वच्छ ऊर्जा रोजगार में भारी बढ़त

सौर फोटोवोल्टिक (PV) ऊर्जा सबसे बड़ा रोजगार प्रदाता बनकर उभरा है, जिसमें अकेले दुनिया भर में 70 लाख से अधिक लोग कार्यरत हैं। इसके अतिरिक्त चीन, यूरोप और उत्तरी अमेरिका में इलेक्ट्रिक वाहनों (EV) की बैटरियों के बड़े कारखानों और पावर ग्रिड आधुनिकीकरण ने रोजगार में भारी योगदान दिया।

चीन स्वच्छ ऊर्जा विनिर्माण में वैश्विक स्तर पर सबसे आगे बना हुआ है, जहां पिछले एक वर्ष में जोड़ी गई नई विनिर्माण नौकरियों का लगभग 60% हिस्सा देखा गया। वहीं अमेरिका के इन्फ्लेशन रिडक्शन एक्ट और यूरोपीय संघ के नए कानूनों से पश्चिमी देशों में भी घरेलू कारखानों का तेजी से निर्माण हुआ है।

“ऊर्जा परिवर्तन केवल जलवायु की दिशा ही नहीं बदल रहा, बल्कि यह वैश्विक श्रम बाजारों का कायाकल्प कर रहा है। स्वच्छ ऊर्जा दुनिया भर में अभूतपूर्व गति से सुरक्षित और बेहतर वेतन वाली नौकरियां पैदा कर रही है।”

कुशल कामगारों की भारी कमी बनी परियोजना विस्तार में मुख्य बाधा

शानदार रोजगार आंकड़ों के बावजूद, आईईए ने एक गंभीर संरचनात्मक चुनौती की ओर इशारा किया है: कुशल तकनीकी कामगारों की भारी किल्लत। दुनिया भर में कंपनियों को योग्य इलेक्ट्रिकल इंजीनियरों, प्रमाणित ग्रिड तकनीशियनों और हीट पंप स्थापित करने वालों को नियुक्त करने में गंभीर कठिनाइयों का सामना करना पड़ रहा है।

रिपोर्ट में सरकारों और शैक्षणिक संस्थानों से व्यावसायिक प्रशिक्षण और तकनीकी शिक्षुता (Apprenticeship) कार्यक्रमों को तेजी से बढ़ाने का आग्रह किया गया है। एजेंसी ने आगाह किया कि यदि कुशल कामगार तैयार नहीं किए गए, तो परियोजनाओं की लागत बढ़ सकती है और वैश्विक डीकार्बोनाइजेशन लक्ष्यों में देरी हो सकती है।

Sources