अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने शुक्रवार को मिपलीफा (arimoclomol) कैप्सूल को आधिकारिक स्वीकृति प्रदान की। यह नीमन-पिक रोग टाइप सी (NPC) के न्यूरोलॉजिकल लक्षणों के उपचार के लिए स्वीकृत देश की पहली दवा बन गई है।
नीमन-पिक टाइप सी एक अत्यंत दुर्लभ आनुवंशिक विकार है जिसमें कोशिकाओं के भीतर कोलेस्ट्रॉल और वसा का सामान्य परिवहन बाधित हो जाता है। वसा का अत्यधिक जमाव मस्तिष्क को नुकसान पहुंचाता है, जिससे बोलने, निगलने और चलने की क्षमता नष्ट होने लगती है। बच्चों में इसके लक्षणों के चलते इसे अक्सर 'बचपन का अल्जाइमर' कहा जाता है।
दुर्लभ आनुवंशिक बीमारी के खिलाफ बड़ी सफलता
यह दवा 2 वर्ष या उससे अधिक आयु के बच्चों और वयस्कों के लिए स्वीकृत की गई है और इसे मिगलुस्टैट (miglustat) नामक एक अन्य दवा के संयोजन के साथ दिया जाएगा। यह दवा कोशिकाओं में हीट शॉक प्रोटीन को सक्रिय करके जहरीले प्रोटीन को हटाने में मदद करती है।
12 महीने चले डबल-ब्लाइंड क्लिनिकल ट्रायल में साबित हुआ कि मिपलीफा लेने वाले मरीजों में बीमारी के बढ़ने की गति प्लेसीबो लेने वालों की तुलना में काफी धीमी रही।
“नीमन-पिक टाइप सी एक विनाशकारी बीमारी है जो बच्चों और बड़ों से उनकी संज्ञानात्मक क्षमताएं छीन लेती है। आज की मंजूरी मरीजों के लिए एक नया सवेरा है।”
क्लिनिकल परीक्षणों में मिले आशाजनक परिणाम
दशकों से इस बीमारी से जूझ रहे परिवारों और मरीज संगठनों ने इस फैसले का भावुक स्वागत किया है, क्योंकि बिना इलाज के इस बीमारी से पीड़ित अधिकांश बच्चे युवावस्था तक भी नहीं पहुंच पाते थे।
दवा निर्माता जेवरा थेराप्यूटिक्स ने घोषणा की है कि मरीजों तक दवा की समय पर आपूर्ति और वित्तीय सहायता सुनिश्चित करने के लिए विशेष कार्यक्रम तुरंत शुरू किए जा रहे हैं।




Comments (0)
Log in to join the discussion.