ब्रिटेन ने अपने अंतिम कोयला आधारित बिजली संयंत्र को राष्ट्रीय ग्रिड से स्थायी रूप से अलग कर 142 वर्षों के वाणिज्यिक कोयला बिजली युग का औपचारिक अंत कर दिया। नॉटिंघमशायर में स्थित यूनीपर कंपनी के ऐतिहासिक रैटक्लिफ-ऑन-सोअर पावर स्टेशन ने आधी रात को अपनी अंतिम टरबाइन बंद कर दी, जिसके साथ ही ब्रिटेन कोयला बिजली को अलविदा कहने वाला पहला जी7 देश बन गया।

यह फैसला उस देश के लिए बहुत बड़ा प्रतीकात्मक महत्व रखता है जहां औद्योगिक क्रांति की शुरुआत हुई थी। साल 1882 में महान वैज्ञानिक थॉमस एडिसन ने लंदन के हॉलबॉर्न वायाडक्ट में दुनिया का पहला कोयला आधारित बिजलीघर स्थापित किया था, जिसने आधुनिक दुनिया के औद्योगीकरण की नींव रखी थी।

औद्योगिक क्रांति का जनक ब्रिटेन बना कोयले से पूरी तरह मुक्त होने वाला पहला जी7 देश

साल 2012 तक ब्रिटेन की कुल बिजली आपूर्ति में कोयले की हिस्सेदारी लगभग 40 प्रतिशत थी। लेकिन कड़े कार्बन टैक्स, पवन ऊर्जा में भारी निवेश और प्राकृतिक गैस के उपयोग के चलते मात्र एक दशक में कोयले पर निर्भरता शून्य पर पहुंच गई।

संयंत्र के नियंत्रण कक्ष में वरिष्ठ ऑपरेटरों और इंजीनियरों ने भावुक माहौल में अंतिम 500-मेगावाट उत्पादन इकाई को राष्ट्रीय बिजली ग्रिड से अलग करने की प्रक्रिया को पूरा किया।

“आज का दिन एक ऐतिहासिक मोड़ है। ब्रिटेन ने कोयला बिजली का अध्याय हमेशा के लिए समाप्त कर दिया है और दुनिया को दिखाया है कि औद्योगिक राष्ट्र भी नवीकरणीय ऊर्जा की ओर सफलतापूर्वक कदम बढ़ा सकते हैं।” — माइकल शैंक्स, ऊर्जा मंत्री, ब्रिटेन सरकार

पवन ऊर्जा और कड़े कार्बन नियमों ने एक दशक में बदल दी ब्रिटेन की ऊर्जा तस्वीर

संयंत्र संचालक यूनीपर ने घोषणा की है कि इस दो वर्ग किलोमीटर क्षेत्र को अब स्वच्छ ऊर्जा पार्क में बदला जाएगा, जहां ग्रीन हाइड्रोजन का उत्पादन और बड़े पैमाने पर बैटरी भंडारण प्रणालियां स्थापित की जाएंगी।

अंतरराष्ट्रीय पर्यावरण संगठनों ने ब्रिटेन के इस ऐतिहासिक कदम का स्वागत करते हुए इसे वैश्विक जलवायु प्रयासों के लिए एक प्रेरणादायक उदाहरण बताया है।

Frequently Asked Questions

रैटक्लिफ-ऑन-सोअर बिजली संयंत्र का बंद होना क्यों ऐतिहासिक है?

यह ब्रिटेन में कोयले से बिजली बनाने का अंतिम केंद्र था, जिसके बंद होने से ब्रिटेन कोयला मुक्त होने वाला पहला जी7 देश बन गया।

अब इस पुराने बिजलीघर के परिसर का क्या किया जाएगा?

इस स्थल को ग्रीन हाइड्रोजन और नवीकरणीय ऊर्जा भंडारण के लिए अत्याधुनिक शून्य-कार्बन औद्योगिक पार्क में बदला जाएगा।

Sources