स्वच्छ ऊर्जा की दिशा में एक ऐतिहासिक कदम उठाते हुए प्रधानमंत्री नरेंद्र मोदी की अध्यक्षता में आर्थिक मामलों की मंत्रिमंडलीय समिति (सीसीईए) ने 'ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर फेज-3' को मंजूरी दे दी है। इस विशाल बुनियादी ढांचा परियोजना पर कुल 1,86,405 करोड़ रुपये (लगभग 22.3 अरब डॉलर) की भारी पूंजी का निवेश किया जाएगा।

इस महत्वाकांक्षी परियोजना के तहत लगभग 15,000 सर्किट किलोमीटर लंबी एक्स्ट्रा-हाई-वोल्टेज अंतर-राज्यीय ट्रांसमिशन लाइनें बिछाई जाएंगी और बड़े पैमाने पर बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणालियां (BESS) स्थापित की जाएंगी। यह ग्रिड मुख्य रूप से गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र के नवीकरणीय ऊर्जा क्षेत्रों से 135 गीगावाट बिजली निकालने का काम करेगा।

पश्चिमी राज्यों में 15,000 किमी ट्रांसमिशन लाइनों का होगा विस्तार

राजस्थान के थार रेगिस्तान में स्थापित विशाल सौर पार्कों और गुजरात के कच्छ क्षेत्र में पवन ऊर्जा क्लस्टरों को इन उच्च क्षमता वाली पारेषण लाइनों से सीधे जोड़ा जाएगा। इससे उत्पादित स्वच्छ बिजली को देश के प्रमुख औद्योगिक गलियारों और बड़े उपभोग केंद्रों तक सुगमता से पहुंचाया जा सकेगा।

फेज-3 की एक प्रमुख विशेषता आधुनिक बैटरी ऊर्जा भंडारण प्रणालियों का समावेश है, जो ग्रिड की फ्रीक्वेंसी को स्थिर रखेंगी और दिन के समय बनने वाली अतिरिक्त सौर ऊर्जा को शाम के व्यस्त समय में उपयोग के लिए संचित करेंगी। इससे नवीकरणीय ऊर्जा की बर्बादी रुकेगी और ग्रिड की सुरक्षा सुनिश्चित होगी।

“Building robust green energy transmission infrastructure is the backbone of India's pledge to achieve 500 gigawatts of non-fossil capacity by 2030 while ensuring clean, reliable power for industrial expansion.” — नवीन एवं नवीकरणीय ऊर्जा मंत्रालय, भारत सरकार

2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म लक्ष्य को मिलेगा मजबूत आधार

यह ऐतिहासिक निर्णय ऐसे समय आया है जब भारत कॉप-26 में घोषित अपने 'पंचामृत' लक्ष्यों के तहत 2030 तक 500 गीगावाट गैर-जीवाश्म क्षमता स्थापित करने के लिए तेजी से आगे बढ़ रहा है। 200 गीगावाट से अधिक क्षमता पहले ही स्थापित की जा चुकी है और ऐसे में ट्रांसमिशन नेटवर्क का विस्तार सबसे महत्वपूर्ण कड़ी माना जा रहा था।

इस परियोजना का वित्तपोषण केंद्रीय अनुदान, राज्य सरकारों की इक्विटी भागीदारी और रियायती बहुपक्षीय विकास ऋणों के माध्यम से किया जाएगा। पावर ग्रिड कॉर्पोरेशन ऑफ इंडिया लिमिटेड (पावरग्रिड) इस परियोजना की प्रमुख कार्यकारी एजेंसी होगी, जो जल्द ही टेंडर प्रक्रिया शुरू करेगी।

Frequently Asked Questions

ग्रीन एनर्जी कॉरिडोर फेज-3 का कुल बजट कितना है?

इस विशाल परियोजना के लिए कुल ₹1,86,405 करोड़ (लगभग 22.3 अरब डॉलर) का परिव्यय स्वीकृत किया गया है।

फेज-3 से कितनी स्वच्छ ऊर्जा की निकासी की जाएगी?

इस नेटवर्क के जरिए गुजरात, राजस्थान और महाराष्ट्र से 135 गीगावाट सौर एवं पवन ऊर्जा निकाली जाएगी।

Sources