ब्रिटिश सरकार ने जल क्षेत्र पर एक स्वतंत्र आयोग के गठन की आधिकारिक घोषणा की है, जो देश की निजीकृत जल कंपनियों और नियामक ढांचे में दशकों का सबसे बड़ा सुधार प्रयास है। पर्यावरण मंत्री स्टीव रीड ने लंदन में इस पहल की शुरुआत करते हुए कहा कि नदियों और तटीय क्षेत्रों की बदहाली को दूर करने के लिए यह बेहद जरूरी था।

बैंक ऑफ इंग्लैंड के पूर्व डिप्टी गवर्नर सर जॉन कनलिव की अध्यक्षता वाले इस आयोग को मौजूदा नियामक व्यवस्था की पूरी जांच करने का व्यापक अधिकार दिया गया है। आयोग यह तय करेगा कि जल नियामक ऑफवॉट और पर्यावरण एजेंसी में बड़ा फेरबदल करने या उनकी जगह कोई नया सख्त नियामक बनाने की जरूरत है या नहीं।

निजीकृत जल कंपनियों के मॉडल की व्यापक समीक्षा

नदियों और समुद्र तटों पर लाखों घंटों तक बिना शोधित सीवेज बहाए जाने के खुलासों से जनता में भारी आक्रोश है। इस पर्यावरणीय संकट के साथ-साथ टेम्स वाटर जैसी प्रमुख जल आपूर्ति कंपनियां भारी कर्ज के चलते दिवालिया होने की कगार पर पहुंच गई हैं, जबकि उनके शेयरधारकों को भारी लाभांश बांटे गए।

कनलिव का पैनल जल कंपनियों के पुनर्गठन, सार्वजनिक सेवा मॉडल, अधिकारियों के भारी बोनस पर पाबंदी और आर्थिक रूप से कमजोर कंपनियों के सरकारी नियंत्रण जैसे कई विकल्पों का मूल्यांकन करेगा।

“The public is furious at the broken state of our rivers and water networks. We are establishing this independent commission to reset regulation and clean up our waters for good.” — स्टीव रीड, पर्यावरण, खाद्य एवं ग्रामीण मामलों के राज्य सचिव

टेम्स वाटर का कर्ज संकट और नदियों में सीवेज बहाव

पर्यावरण संगठनों ने इस जांच का स्वागत करते हुए मांग की है कि उपभोक्ताओं द्वारा दिए जाने वाले बिलों का पैसा सीधे सीवरेज पाइपलाइनों के नवीनीकरण में लगे। विशेषज्ञों का मानना है कि बुनियादी ढांचे में बड़े निजी निवेश को आकर्षित करने के लिए सख्त और स्थिर नियमों की जरूरत होगी।

आयोग छह महीने के भीतर अपनी अंतरिम सिफारिशें देगा, जबकि 2027 के मध्य तक अंतिम रिपोर्ट संसद में पेश की जाएगी जो ब्रिटेन के नए जल विधेयक का आधार बनेगी।

Frequently Asked Questions

ब्रिटेन के जल आयोग का नेतृत्व कौन कर रहा है?

बैंक ऑफ इंग्लैंड के पूर्व डिप्टी गवर्नर सर जॉन कनलिव को स्वतंत्र आयोग का अध्यक्ष नियुक्त किया गया है।

इस आयोग की मुख्य जिम्मेदारियां क्या हैं?

यह आयोग जल नियामक ऑफवॉट की कार्यप्रणाली की समीक्षा करेगा और टेम्स वाटर सहित सभी संकटग्रस्त कंपनियों के सुधार के रास्ते सुझाएगा।

Sources