यूरोपीय संघ की कॉपरनिकस क्लाइमेट चेंज सर्विस ने मंगलवार को पुष्टि की कि सितंबर 2024 वैश्विक स्तर पर दर्ज इतिहास का दूसरा सबसे गर्म सितंबर रहा, जिसका औसत सतही वायु तापमान 16.17 डिग्री सेल्सियस मापा गया।

यह तापमान 1991-2020 के औसत से 0.73 डिग्री सेल्सियस अधिक और पूर्व-औद्योगिक संदर्भ अवधि (1850-1900) से 1.54 डिग्री सेल्सियस अधिक था, जो पिछले पंद्रह महीनों में चौदहवीं बार 1.5 डिग्री सेल्सियस की सीमा को पार कर गया।

वैश्विक तापमान में लगातार हो रही खतरनाक वृद्धि

कॉपरनिकस के वैज्ञानिकों ने बताया कि वर्ष 2024 के पहले नौ महीनों की औसत तापमान विसंगति 2023 की समान अवधि की तुलना में 0.19 डिग्री अधिक है, जिससे यह लगभग तय हो गया है कि 2024 अब तक का सबसे गर्म कैलेंडर वर्ष होगा।

महासागरों की सतह का तापमान भी रिकॉर्ड स्तर के करीब रहा, जहां वैश्विक समुद्री सतह का तापमान 20.83 डिग्री सेल्सियस दर्ज किया गया, जिसने अटलांटिक और प्रशांत महासागरों में भयंकर तूफानों को ईंधन दिया।

“The temperature anomalies observed over the past 15 months demonstrate that human-induced climate warming is accelerating, making 2024 almost certain to be the hottest year on record.” — Samantha Burgess, Deputy Director of Copernicus Climate Change Service

दुनिया भर में चरम मौसमी घटनाओं और बाढ़ का प्रकोप

इस अत्यधिक गर्मी के चलते मध्य और पूर्वी यूरोप में स्टॉर्म बोरिस ने ऐतिहासिक बाढ़ तबाही मचाई, जबकि दक्षिण-पूर्व एशिया में विनाशकारी टाइफून और दक्षिण अमेरिका में भीषण सूखे ने जनजीवन को अस्त-व्यस्त कर दिया।

जलवायु वैज्ञानिकों ने आगाह किया कि लगातार चरम घटनाओं का यह सिलसिला आगामी कॉप-29 (COP29) सम्मेलन से पहले जीवाश्म ईंधन उत्सर्जन में तुरंत और भारी कटौती करने की तत्काल आवश्यकता को दर्शाता है।

Frequently Asked Questions

सितंबर 2024 पूर्व-औद्योगिक स्तर से कितना अधिक गर्म था?

सितंबर 2024 पूर्व-औद्योगिक औसत की तुलना में 1.54 डिग्री सेल्सियस अधिक गर्म दर्ज किया गया।

क्या 2024 इतिहास का सबसे गर्म वर्ष बन जाएगा?

हां, वैज्ञानिकों का कहना है कि 2024 का 2023 को पछाड़कर सबसे गर्म वर्ष बनना लगभग पूरी तरह तय है।

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