दक्षिण भारत की राजनीति में एक बड़े घटनाक्रम के तहत उदयनिधि स्टालिन ने रविवार को चेन्नई के राजभवन में तमिलनाडु के नए उपमुख्यमंत्री के रूप में औपचारिक शपथ ली। राज्य के राज्यपाल आर.एन. रवि ने उन्हें पद एवं गोपनीयता की शपथ दिलाई। इस समारोह में मुख्यमंत्री एम.के. स्टालिन, वरिष्ठ मंत्री और गठबंधन के प्रमुख नेता मौजूद रहे।

यह शपथ ग्रहण सत्तारूढ़ द्रविड़ मुनेत्र कड़गम (द्रमुक) सरकार के व्यापक मंत्रिमंडल फेरबदल का मुख्य आकर्षण रहा। उदयनिधि के साथ तीन अन्य विधायकों—वी. सेंथिल बालाजी, गोवी चेझियान और आर. राजेंद्रन ने भी मंत्री पद की शपथ ली। इस पुनर्गठन के जरिए राज्य के कई प्रमुख विभागों के कामकाज को गति देने का प्रयास किया गया है।

2026 विधानसभा चुनाव से पहले रणनीतिक नेतृत्व विस्तार

47 वर्षीय उदयनिधि अब तक युवा कल्याण और खेल विकास मंत्री की जिम्मेदारी संभाल रहे थे। उपमुख्यमंत्री बनने के बाद भी उनके पास खेल विभाग बना रहेगा, जबकि उन्हें योजना एवं विकास जैसा महत्वपूर्ण नया विभाग भी सौंपा गया है। इसके साथ ही वह राज्य सरकार और पार्टी संगठन दोनों में आधिकारिक रूप से दूसरे सबसे शक्तिशाली नेता बन गए हैं।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि 2026 के तमिलनाडु विधानसभा चुनाव से पहले यह द्रमुक की एक सुविचारित पीढ़ीगत नेतृत्व रणनीति है। चेपक-तिरुवल्लिकेनी से विधायक चुने जाने के बाद से उदयनिधि ने जमीनी स्तर पर युवाओं के बीच अपनी मजबूत पकड़ बनाई है और पार्टी के अभियानों का प्रमुख चेहरा बनकर उभरे हैं।

“This elevated responsibility is a call to serve the people of Tamil Nadu with renewed dedication and to ensure that welfare programs reach every household across our state.” — उदयनिधि स्टालिन, तमिलनाडु के उपमुख्यमंत्री

विपक्ष के तीखे हमले और क्षेत्रीय राजनीतिक समीकरण

इस पदोन्नति पर प्रमुख विपक्षी दलों जैसे अन्नाद्रमुक (AIADMK) और भारतीय जनता पार्टी (BJP) ने तीखी प्रतिक्रिया व्यक्त करते हुए इसे वंशवाद की राजनीति का स्पष्ट उदाहरण बताया। विपक्षी प्रवक्ताओं ने आरोप लगाया कि वरिष्ठ नेताओं की उपेक्षा कर केवल परिवार के नियंत्रण को मजबूत करने के लिए यह निर्णय लिया गया है।

दूसरी ओर, कांग्रेस और वामपंथी दलों सहित द्रमुक के सहयोगी दलों ने इस फैसले का पुरजोर समर्थन किया और कहा कि उदयनिधि की ऊर्जा और सांगठनिक क्षमता से प्रशासनिक कार्यों में नई गति आएगी। आगामी चुनावी चुनौतियों के बीच नया मंत्रिमंडल अब लोक कल्याणकारी योजनाओं को जन-जन तक पहुंचाने पर ध्यान केंद्रित करेगा।

Frequently Asked Questions

उदयनिधि स्टालिन ने उपमुख्यमंत्री पद की शपथ कब ली?

उदयनिधि स्टालिन ने रविवार, 29 सितंबर 2026 को चेन्नई के राजभवन में उपमुख्यमंत्री पद की शपथ ली।

उदयनिधि स्टालिन के पास उपमुख्यमंत्री के अलावा कौन से विभाग हैं?

वे युवा कल्याण एवं खेल विकास के साथ-साथ योजना एवं विकास विभाग का कार्यभार भी संभाल रहे हैं।

Sources