पूर्वी अफ्रीकी देश रवांडा में खतरनाक मारबर्ग वायरस रोग के 26 मामलों और 6 मौतों की पुष्टि के बाद स्वास्थ्य मंत्रालय ने व्यापक स्तर पर नियंत्रण अभियान शुरू किया है। यह रवांडा के इतिहास में मारबर्ग रक्तस्रावी बुखार का पहला दर्ज प्रकोप है। चिंताजनक बात यह है कि कुल पुष्ट मामलों में से 70% से अधिक किगाली के प्रमुख अस्पतालों की गहन चिकित्सा इकाइयों (ICU) और ऑपरेशन थिएटरों में कार्यरत डॉक्टर व स्वास्थ्यकर्मी हैं।
मारबर्ग वायरस इबोला परिवार का ही एक अत्यंत घातक रोगज़नक़ है, जिससे गंभीर रक्तस्रावी बुखार होता है और अनुपचारित मामलों में मृत्यु दर 88% तक पहुंच सकती है। यह संक्रमित व्यक्ति के शारीरिक तरल पदार्थों या दूषित सतहों के सीधे संपर्क में आने से फैलता है। शुरुआती लक्षण सामान्य बुखार जैसे होने के कारण अस्पताल के कर्मचारियों में संक्रमण तेजी से फैला।
अस्पतालों में स्वास्थ्यकर्मियों का संक्रमण और कड़े सुरक्षा उपाय
स्वास्थ्य मंत्रालय ने अब तक 300 से अधिक संपर्कों की पहचान की है जिन्हें 21 दिनों के अनिवार्य क्वारंटाइन में रखा गया है। किंग फैसल अस्पताल और किगाली यूनिवर्सिटी टीचिंग हॉस्पिटल (CHUK) में विशेष आइसोलेशन वार्ड स्थापित किए गए हैं और अस्पतालों में आगंतुकों के प्रवेश पर कड़े प्रतिबंध लगा दिए गए हैं।
अफ्रीका रोग नियंत्रण और रोकथाम केंद्र (अफ्रीका सीडीसी) और विश्व स्वास्थ्य संगठन (डब्ल्यूएचओ) के विशेषज्ञ दल किगाली पहुंच चुके हैं। प्रयोगशाला परीक्षणों को गति देने के साथ-साथ गंभीर रूप से बीमार रोगियों के लिए प्रायोगिक एंटीवायरल दवाएं और मोनोक्लोनल एंटीबॉडी उपचार उपलब्ध कराए जा रहे हैं।
“We are tracking more than 300 contacts and providing therapeutic countermeasures to protect our healthcare workers who are on the front lines containing this outbreak.” — Sabin Nsanzimana, Minister of Health of Rwanda
अंतरराष्ट्रीय सहयोग और प्रकोप की रोकथाम की रणनीति
रवांडा के स्वास्थ्य मंत्री डॉ. सबिन न्सांज़िमाना ने कहा कि देश की मजबूत स्वास्थ्य प्रणाली पूरी तरह सक्रिय है। सभी जिला अस्पतालों में व्यक्तिगत सुरक्षा उपकरण (पीपीई किट) वितरित कर दिए गए हैं और आम जनता को स्वच्छता बनाए रखने व लक्षणों की तुरंत सूचना देने के लिए जागरूक किया जा रहा है।
अंतरराष्ट्रीय स्वास्थ्य संगठनों ने प्रयोगशाला में पुष्टि के 24 घंटे के भीतर प्रकोप की पारदर्शी जानकारी साझा करने के लिए रवांडा की सराहना की है। विशेषज्ञों को उम्मीद है कि त्वरित संपर्कों की पहचान और सख्त अलगाव उपायों से इस वायरस को अन्य क्षेत्रों में फैलने से रोक लिया जाएगा।
Frequently Asked Questions
मारबर्ग वायरस क्या है और यह कैसे फैलता है?
मारबर्ग इबोला परिवार का वायरस है जो घातक रक्तस्रावी बुखार पैदा करता है और संक्रमित व्यक्ति के तरल पदार्थों के संपर्क से फैलता है।
रवांडा में कितने मामले और मौतें दर्ज की गई हैं?
रवांडा में अब तक मारबर्ग वायरस के 26 मामलों की पुष्टि हुई है और 6 लोगों की मौत हुई है, जिनमें अधिकांश स्वास्थ्यकर्मी हैं।





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