रवांडा के स्वास्थ्य मंत्रालय ने देश में फैले घातक मारबर्ग वायरस प्रकोप से निपटने के लिए आपातकालीन रिंग टीकाकरण अभियान और प्रायोगिक क्लिनिकल परीक्षण शुरू कर दिया है। यह वैज्ञानिक कदम राजधानी किगाली के प्रमुख अस्पतालों में सबसे अधिक जोखिम वाले स्वास्थ्यकर्मियों और संक्रमितों के करीबी संपर्कों की सुरक्षा के लिए उठाया गया है।
अमेरिका के सेबिन वैक्सीन इंस्टीट्यूट द्वारा तैयार किए गए एकल-खुराक वाले प्रायोगिक टीकों की पहली खेप विशेष विमान से किगाली पहुंचाई गई। प्रारंभिक परीक्षणों में यह टीका सुरक्षित और एंटीबॉडी विकसित करने में प्रभावी पाया गया है, जिसे त्वरित विनियामक मंजूरी के तहत उपयोग में लाया जा रहा है।
घातक संक्रमण की रोकथाम के लिए डॉक्टरों और नर्सों का प्राथमिकता से टीकाकरण
महामारी विज्ञान जांच से पता चला है कि संक्रमण के शुरुआती मामलों में से अधिकांश किगाली के दो बड़े अस्पतालों के गहन चिकित्सा कक्ष (आईसीयू) में तैनात डॉक्टरों और स्वास्थ्यकर्मियों में पाए गए थे। रिंग टीकाकरण के जरिए संक्रमित वार्डों के चारों ओर एक मजबूत प्रतिरक्षा दीवार बनाई जा रही है।
टीकाकरण के साथ-साथ गंभीर मरीजों के इलाज के लिए गिलेड साइंसेज और मैप बायोफार्मास्युटिकल द्वारा विकसित मोनोक्लोनल एंटीबॉडीज और एंटीवायरल दवाओं का चिकित्सीय परीक्षण भी शुरू किया गया है।
“अग्रिम पंक्ति के डॉक्टरों, नर्सों और संपर्कों का लक्षित टीकाकरण संक्रमण की श्रृंखला को तोड़ने और हमारे चिकित्सा कार्यबल की रक्षा करने का सबसे बेहतरीन वैज्ञानिक उपाय है।” — सबिन न्संज़िमाना, स्वास्थ्य मंत्री, रवांडा
अंतरराष्ट्रीय शोध संस्थानों के सहयोग से प्रायोगिक दवाओं का त्वरित परीक्षण
विश्व स्वास्थ्य संगठन के महानिदेशक डॉ. टेड्रोस अदनोम घेब्येयियस ने रवांडा सरकार की तत्परता, पारदर्शिता और मजबूत कॉन्टैक्ट ट्रेसिंग प्रयासों की सराहना करते हुए कहा कि इससे अंतरराष्ट्रीय स्तर पर वायरस फैलने का खतरा कम होगा।
स्वास्थ्य अधिकारियों ने 21 दिनों की अनिवार्य निगरानी अवधि के तहत सैकड़ों संपर्कों की पहचान कर ली है। व्यापक जनस्वास्थ्य उपायों और आधुनिक दवाओं के प्रयोग से रवांडा इस प्रकोप को जल्द से जल्द नियंत्रित करने की दिशा में अग्रसर है।
Frequently Asked Questions
रवांडा में मारबर्ग वायरस के खिलाफ कौन सा टीका लगाया जा रहा है?
सेबिन वैक्सीन इंस्टीट्यूट द्वारा विकसित एकल-खुराक वाला प्रायोगिक मारबर्ग टीका क्लिनिकल ट्रायल प्रोटोकॉल के तहत दिया जा रहा है।
किगाली में यह टीका सबसे पहले किसे दिया जा रहा है?
यह टीका अग्रिम पंक्ति के डॉक्टरों, आईसीयू नर्सों, अस्पताल कर्मियों और पुष्ट मामलों के प्राथमिक संपर्कों को दिया जा रहा है।





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