कैथोलिक चर्च के सर्वोच्च धर्मगुरु पोप फ्रांसिस ने रविवार को बेल्जियम के ब्रुसेल्स स्थित किंग बॉडॉइन स्टेडियम में लगभग 40,000 श्रद्धालुओं की मौजूदगी में सामूहिक प्रार्थना (मास) के साथ अपनी 46वीं अंतरराष्ट्रीय प्रेरितिक यात्रा का समापन किया। अपने अंतिम उपदेश में उन्होंने पादरियों द्वारा किए गए यौन दुर्व्यवहार की पुरजोर निंदा की।

लक्जमबर्ग और बेल्जियम की यह चार दिवसीय यात्रा कैथोलिक चर्च के ऐतिहासिक विवादों और संस्थागत जवाबदेही के लिहाज से बेहद संवेदनशील रही। बेल्जियम के राजा फिलिप और प्रधानमंत्री अलेक्जेंडर डी क्रू ने सार्वजनिक मंचों से चर्च के पिछले आचरण और मामलों को दबाने की प्रवृत्ति पर चिंता जताई थी।

ब्रुसेल्स स्टेडियम में प्रार्थना और नन एना डी जीसस का धन्यीकरण

रविवार के पवित्र मिस्सा समारोह के दौरान पोप ने 16वीं शताब्दी की स्पेनिश कार्मेलाइट नन एना डी जीसस को औपचारिक रूप से धन्य घोषित किया। एना डी जीसस ने ब्रुसेल्स, लूवेन और मॉन्स में मठों की स्थापना की थी। पोप ने उनके निस्वार्थ सेवा भाव और आध्यात्मिक दृढ़ता की भूरी-भूरी प्रशंसा की।

अपने तैयार भाषण से अलग हटते हुए पोप ने शुक्रवार को पीड़ित व्यक्तियों से हुई दो घंटे की निजी मुलाकात का जिक्र किया। उन्होंने कहा कि चर्च को पीड़ितों से बिना शर्त क्षमा मांगनी चाहिए और किसी भी बिशप को ऐसे जघन्य अपराधों पर पर्दा डालने की अनुमति नहीं दी जा सकती।

“There is no place in the Church for abuse; there is no place to cover up abuse. I ask everyone: do not cover up abuse! Bishops must not cover up, and abusers must be judged.” — पोप फ्रांसिस, प्रमुख, कैथोलिक चर्च

पादरी दुर्व्यवहार पर पोप का कड़ा प्रहार और न्याय की अपील

इस यात्रा के दौरान वेटिकन और आधुनिक यूरोपीय समाज के बीच वैचारिक अंतर भी सामने आए। लूवेन के कैथोलिक विश्वविद्यालयों में छात्रों और प्राध्यापकों ने चर्च में महिलाओं की भूमिका और पर्यावरण नीतियों पर पोप से सवाल पूछे, जिससे पश्चिमी यूरोप में बदलती सोच का अहसास हुआ।

ब्रुसेल्स से रोम लौटते समय पोप फ्रांसिस ने बेल्जियम की जनता और प्रशासन का आभार व्यक्त किया। विश्लेषकों का मानना है कि इस यात्रा ने साबित किया कि पोप फ्रांसिस चर्च के सामने खड़े अप्रिय और कठिन सवालों का सामना करने से कभी पीछे नहीं हटते।

Frequently Asked Questions

पोप फ्रांसिस ने बेल्जियम में अंतिम प्रार्थना सभा कहाँ आयोजित की?

ब्रुसेल्स के किंग बॉडॉइन स्टेडियम में लगभग 40,000 श्रद्धालुओं की उपस्थिति में यह प्रार्थना सभा हुई।

समारोह में किसे औपचारिक रूप से धन्य घोषित किया गया?

16वीं शताब्दी की स्पेनिश कार्मेलाइट नन एना डी जीसस को धन्य घोषित किया गया।

Sources