पेरिस में आयोजित होने वाले प्रतिष्ठित 'मोंडियल डी ल'ऑटो' (पेरिस मोटर शो) से पहले यूरोपीय वाहन निर्माता कंपनियों रेनो ग्रुप, स्टेलेंटिस और बैटरी निर्माता एसीसी ने लिथियम आयरन फॉस्फेट (एलएफपी) बैटरी तकनीक को बड़े पैमाने पर अपनाने की घोषणा की है। इस रणनीतिक पहल का उद्देश्य छोटी इलेक्ट्रिक कारों की बैटरी लागत में 20 प्रतिशत तक की कटौती करना है।

महंगे निकल, कोबाल्ट और मैंगनीज को हटाकर एलएफपी सेल बेहतर थर्मल सुरक्षा, लंबी साइकिल लाइफ और बेहद कम लागत प्रदान करते हैं। यह तकनीक 25,000 यूरो से कम कीमत वाली जनसाधारण की कारों जैसे इलेक्ट्रिक रेनो ट्विंगो और सिट्रोएन ë-सी3 का मुख्य आधार बनेगी।

कोबाल्ट-मुक्त तकनीक से विनिर्माण लागत में बड़ी गिरावट

फ्रांस और स्पेन में स्थापित गीगाफैक्ट्रीज सीधे वाहन के चेसिस में बैटरी सेल फिट करने वाली 'सेल-टू-पैक' प्रणाली अपना रही हैं, जिससे वजन और ऊर्जा घनत्व दोनों का बेहतर संतुलन हासिल किया जा सके।

ऑटो उद्योग के शीर्ष अधिकारियों का मानना है कि सस्ती बैटरियों की घरेलू आपूर्ति श्रृंखला तैयार करना यूरोपीय संघ में कुशल नौकरियों को बचाने के लिए बेहद जरूरी है।

“Integrating localized LFP battery packs is the decisive step to democratizing electric mobility and offering affordable zero-emission cars built in Europe.” — लुका डी मेओ, रेनो ग्रुप के मुख्य कार्यकारी अधिकारी

सस्ते आयातों से यूरोपीय ऑटो उद्योग की सुरक्षा

यह योजना सीधे तौर पर उन विदेशी कंपनियों को जवाब देने के लिए बनाई गई है जो भारी सरकारी सब्सिडी के दम पर पश्चिमी यूरोप के बाजारों में सस्ती हैचबैक कारें बेच रही हैं।

पेरिस मोटर शो में आने वाले दर्शक यूरोपीय निर्मित एलएफपी सेल से लैस नए उत्पादन प्रोटोटाइप देख सकेंगे, जिनकी बाजार में व्यावसायिक डिलीवरी 2025 की पहली छमाही में शुरू होने वाली है।

Frequently Asked Questions

यूरोपीय इलेक्ट्रिक कारों के लिए एलएफपी बैटरी के क्या फायदे हैं?

यह कोबाल्ट और निकल का उपयोग समाप्त कर लागत में 20% की कमी लाती है और उच्च सुरक्षा प्रदान करती है।

इन नई बैटरियों से लैस कारें किस कीमत पर उपलब्ध होंगी?

कंपनियां 25,000 यूरो से कम कीमत वाले किफायती शहरी इलेक्ट्रिक मॉडल बाजार में उतारने की तैयारी कर रही हैं।

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