मैक्सिको की नव-निर्वाचित राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाम ने गुरुवार को मैक्सिको सिटी स्थित राष्ट्रीय महल में अपने दैनिक संवाददाता सम्मेलन के दौरान 'पेंशन मुहेरेस बिएनस्टार' कार्यक्रम के राष्ट्रव्यापी शुभारंभ और पंजीकरण कार्यक्रम की घोषणा की। यह शीनबाम के चुनावी वादों में से एक प्रमुख वादा था।

कल्याण मंत्रालय के साथ मिलकर घोषित किए गए दिशा-निर्देशों के अनुसार, 60 से 64 वर्ष की आयु वर्ग की महिलाओं को बैंको डेल बिएनस्टार के माध्यम से हर दो महीने में 3,000 मैक्सिकन पेसो की आर्थिक सहायता दी जाएगी। इसके बाद 65 वर्ष की आयु में वे सार्वभौमिक वरिष्ठ पेंशन की पात्र बन जाएंगी।

राष्ट्रीय महल से नई सामाजिक कल्याण पेंशन योजना का शुभारंभ

राष्ट्रव्यापी पंजीकरण अभियान 7 अक्टूबर से 30 नवंबर तक देश भर के 2,600 से अधिक केंद्रों पर चलेगा। जनवरी 2025 में पहले चरण में 63 और 64 वर्ष की सभी महिलाओं तथा आदिवासी और एफ्रो-मैक्सिकन बहुल क्षेत्रों की 60 से 64 वर्ष की महिलाओं को शामिल किया जाएगा।

राष्ट्रपति शीनबाम ने इस सुधार को ऐतिहासिक न्याय करार दिया। उन्होंने कहा कि पीढ़ियों से मैक्सिकन महिलाओं ने बिना किसी आर्थिक स्वायत्तता या पेंशन लाभ के बच्चों की परवरिश, बुजुर्गों की देखभाल और घरेलू जिम्मेदारियों को संभाला है, जिसे अब मान्यता दी जा रही है।

“सदियों से मैक्सिकन महिलाओं ने बिना किसी आर्थिक स्वायत्तता के परिवारों और समाज की देखभाल की है; यह पेंशन ऐतिहासिक न्याय और संवैधानिक सम्मान का प्रतीक है।” — क्लाउडिया शीनबाम पार्दो, मैक्सिको की राष्ट्रपति

अवैतनिक घरेलू श्रम का सम्मान और चरणबद्ध तरीके से क्रियान्वयन

कल्याण मंत्रालय ने स्पष्ट किया कि आवेदन प्रक्रिया बेहद सरल रखी गई है। आवेदकों को केवल पहचान पत्र, जन्म प्रमाण पत्र और पते का प्रमाण प्रस्तुत करना होगा। सुदूर पर्वतीय क्षेत्रों में रहने वाली अशक्त महिलाओं के लिए घर-घर जाकर पंजीकरण की सुविधा दी जाएगी।

विशेषज्ञों और महिला अधिकार संगठनों ने इस कदम को लैटिन अमेरिका में लैंगिक समानता की दिशा में एक क्रांतिकारी कदम बताया है। पूर्ण रूप से लागू होने पर इस योजना से लगभग 25 लाख महिलाओं को लाभ मिलने का अनुमान है।

Frequently Asked Questions

पेंशन मुहेरेस बिएनस्टार के तहत कितनी राशि मिलेगी?

पात्र महिलाओं को सीधे उनके बैंक खाते में हर दो महीने में 3,000 मैक्सिकन पेसो की राशि प्रदान की जाएगी।

पहले चरण में किन महिलाओं को प्राथमिकता दी जाएगी?

63-64 वर्ष की महिलाओं और आदिवासी बहुल क्षेत्रों की 60-64 वर्ष की सभी महिलाओं को पहले चरण में शामिल किया जाएगा।

Sources