नीदरलैंड के पूर्व प्रधानमंत्री मार्क रूटे ने मंगलवार को बेल्जियम की राजधानी ब्रसेल्स स्थित नाटो मुख्यालय में आयोजित एक औपचारिक समारोह में उत्तरी अटलांटिक संधि संगठन (नाटो) के 14वें महासचिव के रूप में पदभार ग्रहण किया। 57 वर्षीय रूटे ने नॉर्वे के जेन्स स्टोल्टेनबर्ग का स्थान लिया, जिन्होंने शीत युद्ध के बाद सबसे गंभीर सुरक्षा संकट के बीच एक दशक तक 32 देशों के इस सैन्य गठबंधन का नेतृत्व किया।

उत्तरी अटलांटिक परिषद की बैठक के दौरान औपचारिक रूप से हथौड़ा सौंपकर सत्ता हस्तांतरण संपन्न हुआ। स्टोल्टेनबर्ग ने रूटे की कूटनीतिक कुशलता और सर्वसम्मति बनाने की क्षमता की प्रशंसा की। उन्होंने विश्वास जताया कि रूटे के नेतृत्व में पश्चिमी गठबंधन सुरक्षा चुनौतियों का सामना करने में पूरी तरह सक्षम होगा।

ब्रसेल्स स्थित नाटो मुख्यालय में ऐतिहासिक नेतृत्व परिवर्तन

अपने पहले औपचारिक संबोधन में महासचिव रूटे ने सभी सहयोगी देशों से अपनी सैन्य क्षमताओं को तेजी से मजबूत करने की अपील की। उन्होंने रेखांकित किया कि यद्यपि 23 सदस्य देश अब अपने सकल घरेलू उत्पाद (जीडीपी) का कम से कम दो प्रतिशत रक्षा पर खर्च कर रहे हैं, लेकिन बढ़ते खतरों को देखते हुए इस बजट को और बढ़ाना अनिवार्य है।

रूटे ने इस बात पर विशेष जोर दिया कि वास्तविक सैन्य निवारक केवल बजट बढ़ाने से नहीं बल्कि सामूहिक रक्षा उद्योग के उत्पादन में भारी वृद्धि करने से हासिल होगा। उन्होंने तोपखाने के गोले, वायु रक्षा मिसाइलें और बख्तरबंद वाहनों की आपूर्ति बढ़ाने के लिए सदस्य देशों के बीच संयुक्त खरीद पर बल दिया।

“We must spend more and increase our collective defense production. Freedom is not free, and maintaining our deterrence demands substantial investments from every ally.” — मार्क रूटे, नाटो के महासचिव

सामूहिक रक्षा उत्पादन और यूक्रेन को अटूट समर्थन

नए महासचिव ने यूक्रेन को नाटो की स्थायी सदस्यता के करीब लाने की प्रतिबद्धता दोहराई। उन्होंने यह भी स्पष्ट किया कि यूरोपीय सुरक्षा को इंडो-पैसिफिक क्षेत्र से अलग नहीं किया जा सकता, इसलिए जापान, दक्षिण कोरिया, ऑस्ट्रेलिया और न्यूजीलैंड जैसे साझेदारों के साथ रणनीतिक सहयोग को और मजबूत किया जाएगा।

वॉशिंगटन, लंदन और बर्लिन सहित प्रमुख सहयोगी राजधानियों ने रूटे की नियुक्ति का स्वागत किया है। जानकारों का मानना है कि डच राजनीति में लंबे समय तक गठबंधन सरकारों का नेतृत्व करने का उनका अनुभव अमेरिका और यूरोप के बीच राजनीतिक तालमेल बनाए रखने में बेहद मददगार साबित होगा।

Frequently Asked Questions

मार्क रूटे से पहले नाटो के महासचिव कौन थे?

मार्क रूटे से पहले जेन्स स्टोल्टेनबर्ग ने 2014 से 2024 तक एक दशक के लिए नाटो का नेतृत्व किया था।

मार्क रूटे ने नाटो सहयोगियों के सामने क्या मुख्य लक्ष्य रखा है?

उन्होंने सभी सदस्य देशों से रक्षा खर्च को जीडीपी के 2% से ऊपर ले जाने और सैन्य उत्पादन बढ़ाने को कहा है।

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