जापान के नवनिर्वाचित प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा ने शुक्रवार को संसद (डाइट) के दोनों सदनों में अपना पहला नीतिगत संबोधन दिया। अपने भाषण में इशिबा ने दशकों पुरानी अपस्फीति (डिफ्लेशन) से पूरी तरह बाहर निकलने और जनता का विश्वास फिर से जीतने के लिए साहसिक फैसलों की रूपरेखा पेश की।

इशिबा के आर्थिक एजेंडे का सबसे अहम बिंदु 2020 के दशक में राष्ट्रीय औसत न्यूनतम मजदूरी को बढ़ाकर 1500 येन प्रति घंटा करना है। उन्होंने कहा कि वास्तविक आय में वृद्धि महंगाई से अधिक होनी चाहिए ताकि आम जनता के जीवन स्तर में सुधार हो सके।

आर्थिक बदलाव: वास्तविक वेतन वृद्धि और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्था का कायाकल्प

ग्रामीण और क्षेत्रीय अर्थव्यवस्थाओं के पुनरुद्धार को विकास का इंजन बताते हुए प्रधानमंत्री ने क्षेत्रीय अनुदानों को दोगुना करने की घोषणा की। उन्होंने टोक्यो में अत्यधिक आबादी के संकेंद्रण को कम करने और छोटे शहरों में रोजगार के अवसर पैदा करने पर बल दिया।

प्राकृतिक आपदाओं के जोखिम को देखते हुए इशिबा ने एक विशेष आपदा रोकथाम एजेंसी स्थापित करने की योजना पेश की। यह एजेंसी आपातकालीन राहत कार्यों और राहत शिविरों के प्रबंधन को एक एकीकृत नेतृत्व के तहत संचालित करेगी।

“जनता का विश्वास फिर से हासिल करने और एक समृद्ध भविष्य सुनिश्चित करने के लिए, हमारा प्रशासन क्षेत्रीय जीवन शक्ति की रक्षा करेगा, वेतन वृद्धि सुनिश्चित करेगा और संप्रभुता की रक्षा करेगा।” — शिगेरू इशिबा, जापान के प्रधानमंत्री

राष्ट्रीय सुरक्षा तैयारी और स्वतंत्र आपदा रोकथाम एजेंसी की स्थापना

विदेश और रक्षा नीति पर बोलते हुए इशिबा ने जापान-अमेरिका गठबंधन की अहमियत दोहराई। उन्होंने दक्षिण कोरिया और अन्य लोकतांत्रिक सहयोगियों के साथ सुरक्षा साझेदारी बढ़ाने और पूर्वी एशिया में सैन्य प्रतिरोध क्षमता को और मजबूत करने की बात कही।

अक्टूबर के अंत में होने वाले आम चुनाव से पहले दिए गए इस भाषण ने राजनीतिक माहौल को गरमा दिया है। संसद में राजनीतिक सुधारों, वेतन वृद्धि के वित्तपोषण और रक्षा बजट को लेकर सत्ता पक्ष और विपक्ष के बीच बहस तेज होने की संभावना है।

Frequently Asked Questions

प्रधानमंत्री इशिबा ने न्यूनतम मजदूरी का क्या लक्ष्य रखा है?

उन्होंने 2020 के दशक के भीतर औसत न्यूनतम मजदूरी को बढ़ाकर 1500 येन प्रति घंटा करने का लक्ष्य रखा है।

इशिबा ने किस नई सरकारी एजेंसी को स्थापित करने की घोषणा की?

उन्होंने आपदा प्रबंधन और राहत कार्यों के लिए एक समर्पित राष्ट्रीय आपदा रोकथाम एजेंसी स्थापित करने की घोषणा की।

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