इंडोनेशिया ने शनिवार को अपनी राजधानी जकार्ता के ऐतिहासिक नेशनल मॉन्यूमेंट (मोनास) मैदान में राष्ट्रीय सशस्त्र बलों (टीएनआई) की 79वीं वर्षगांठ के अवसर पर देश के इतिहास की सबसे विशाल सैन्य परेड का आयोजन किया।
राष्ट्रपति जोको विडोडो ने अपने उत्तराधिकारी और निर्वाचित राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो के साथ एक खुली सैन्य जीप में सवार होकर थलसेना, नौसेना और वायुसेना के 1,00,000 से अधिक जवानों का निरीक्षण किया।
आधुनिक बख्तरबंद वाहनों, सुपरसोनिक जेट्स और मिसाइलों का प्रदर्शन
इस भव्य परेड में 1,059 प्रमुख रक्षा उपकरण प्रदर्शित किए गए, जिनमें लेपर्ड मुख्य युद्धक टैंक, उभयचर लड़ाकू वाहन, तटीय मिसाइल रक्षा प्रणालियां और आधुनिक टोही ड्रोन शामिल थे।
जकार्ता के आसमान में सुखोई Su-27, Su-30 और F-16 फाइटर जेट्स ने गर्जना करते हुए एरोबैटिक करतब दिखाए और लड़ाकू संरचनाओं में उड़ान भरकर उपस्थित लाखों नागरिकों को मंत्रमुग्ध कर दिया।
“जैसे-जैसे क्षेत्रीय भू-राजनीति अधिक जटिल होती जा रही है, इंडोनेशियाई राष्ट्रीय सशस्त्र बलों को लगातार उपकरणों का आधुनिकीकरण करना चाहिए, संवैधानिक अखंडता बनाए रखनी चाहिए और हमारे द्वीप राष्ट्र की संप्रभुता की रक्षा करनी चाहिए।” — जोको विडोडो, इंडोनेशिया के राष्ट्रपति
सत्ता हस्तांतरण से पहले सेना के मनोबल को बढ़ाने पर जोर
अपने संबोधन में राष्ट्रपति विडोडो ने देश की संप्रभुता और शांति बनाए रखने में सेना के योगदान की सराहना की और 20 अक्टूबर को प्रबोवो सुबियांतो के शपथ ग्रहण से पूर्व सैन्य आधुनिकीकरण जारी रखने की आवश्यकता जताई।
परेड के समापन के बाद आम नागरिकों के लिए सैन्य वाहनों की सवारी और मुफ्त भोजन पैकेट बांटे गए, जिसने सशस्त्र बलों और जनता के बीच गहरे जुड़ाव को प्रदर्शित किया।
Frequently Asked Questions
इंडोनेशिया के 79वें टीएनआई दिवस परेड में कितने सैनिकों ने भाग लिया?
इस ऐतिहासिक परेड में तीनों सेनाओं के 1 लाख से अधिक जवानों और 1,059 युद्धक उपकरणों ने भाग लिया।
परेड का निरीक्षण किन शीर्ष नेताओं ने किया?
निवर्तमान राष्ट्रपति जोको विडोडो और नवनिर्वाचित राष्ट्रपति प्रबोवो सुबियांतो ने संयुक्त रूप से सैनिकों की सलामी ली।





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