फ्रांस के प्रधानमंत्री मिशेल बार्नियर ने मंगलवार को नेशनल असेंबली में अपनी सरकार के खिलाफ लाए गए पहले अविश्वास प्रस्ताव को आसानी से विफल कर दिया, जिससे अल्पमत सरकार को बड़ी राजनीतिक राहत मिली है।

वामपंथी 'न्यू पॉपुलर फ्रंट' गठबंधन द्वारा पेश किए गए इस अविश्वास प्रस्ताव के पक्ष में केवल 197 सांसदों ने मतदान किया, जो सरकार गिराने के लिए आवश्यक 289 मतों के जादुई आंकड़े से काफी कम था।

नेशनल असेंबली में वामपंथी दलों का अविश्वास प्रस्ताव खारिज

बार्नियर सरकार का बचना तब तय हो गया जब मरीन ले पेन की दक्षिणपंथी पार्टी 'नेशनल रैली' ने अपने वादे के मुताबिक मतदान से दूरी बनाए रखी और सरकार को फिलहाल काम करने देने का फैसला किया।

मतदान से पहले सांसदों को संबोधित करते हुए बार्नियर ने देश के बढ़ते वित्तीय घाटे पर गंभीर चिंता व्यक्त की और कहा कि फ्रांस का कर्ज अब असहनीय स्तर पर पहुंच चुका है जिसे नियंत्रित करना अनिवार्य है।

“I took office to serve our nation in a spirit of dialogue and fiscal responsibility. Our priority remains passing a rigorous 2025 budget to control public debt.” — Michel Barnier, Prime Minister of France

2025 के कड़े बजट को पारित कराने की नई राजनीतिक चुनौती

सरकार ने 2025 के लिए 60 अरब यूरो की बचत का कड़ा बजट तैयार किया है, जिसमें सरकारी खर्च में 40 अरब यूरो की कटौती और बड़े कॉरपोरेट्स व अमीरों पर 20 अरब यूरो के नए कर शामिल हैं।

हालांकि बार्नियर ने यह पहला संकट पार कर लिया है, लेकिन विश्लेषकों का मानना है कि बजट सत्र के दौरान सरकार पर लगातार नए अविश्वास प्रस्तावों का खतरा बना रहेगा।

Frequently Asked Questions

सरकार गिराने के लिए नेशनल असेंबली में कितने वोटों की जरूरत थी?

फ्रांसीसी संसद के निचले सदन में सरकार गिराने के लिए पूर्ण बहुमत यानी 289 मतों की आवश्यकता थी।

मरीन ले पेन की पार्टी ने मतदान से परहेज क्यों किया?

उन्होंने बजट प्रस्तावों को देखने और सरकार पर दबाव बनाए रखने के लिए अविश्वास प्रस्ताव में हिस्सा नहीं लिया।

Sources