अमेरिकी खाद्य एवं औषधि प्रशासन (एफडीए) ने आज चिकित्सा उपकरण निर्माता कंपनी नेपच्यून मेडिकल के 'ट्राइटन रोबोटिक एंडोस्कोपी सिस्टम' को 510(k) बाजार मंजूरी प्रदान कर दी। यह दुनिया का पहला रोबोटिक प्लेटफॉर्म है जो 'डायनामिक रिजिडिटी' तकनीक पर काम करता है।
पाचन तंत्र के जटिल अंदरूनी हिस्सों में एंडोस्कोपी के जरिए कैंसर ट्यूमर को काटना हमेशा से डॉक्टरों के लिए चुनौतीपूर्ण रहा है क्योंकि पारंपरिक उपकरण मुड़ जाते हैं और स्थिर नहीं रहते।
डायनामिक रिजिडिटी: जरूरत पड़ने पर लचीला, जरूरत पड़ने पर ठोस
नेपच्यून मेडिकल की तकनीक इस चुनौती को दूर करती है। आंतों के घुमावदार रास्तों से गुजरते समय यह उपकरण पूरी तरह कोमल रहता है। लेकिन जैसे ही ट्यूमर के पास पहुंचता है, वैक्यूम लॉक के जरिए यह तुरंत कठोर और स्थिर बेस बन जाता है।
| मापदंड | ट्राइटन रोबोटिक सिस्टम | पारंपरिक एंडोस्कोपी | मरीजों को लाभ |
|---|---|---|---|
| उपकरण मुड़ने की दर | 2% से कम | 32% से 45% | ऑपरेशन में बिना रुकावट काम |
| ट्यूमर हटाने की गति | 1.4 वर्ग सेमी/मिनट | 0.6 वर्ग सेमी/मिनट | एनेस्थीसिया का समय 55% कम |
| पूर्ण ट्यूमर निष्कासन | 98.2% सफलता दर | 84.5% सामान्य दर | कैंसर दोबारा लौटने का कम जोखिम |
| अंग फटने का खतरा | परीक्षणों में 0.0% | 1.8% से 3.5% | अत्यधिक सुरक्षित प्रक्रिया |
प्रमुख कैंसर संस्थानों में तैनाती
कंपनी ने घोषणा की है कि मेयो क्लिनिक और जॉन्स हॉपकिन्स जैसे शीर्ष अमेरिकी अस्पतालों में इस उपकरण की आपूर्ति अक्टूबर से शुरू कर दी जाएगी।
“ट्राइटन एंडोस्कोपी सर्जरी में एक क्रांतिकारी छलांग है। बिना बाहरी चीरा लगाए प्राकृतिक छिद्रों के माध्यम से कैंसर ट्यूमर को पूरी सटीकता से हटाया जा सकेगा।”
यह रोबोटिक सिस्टम अस्पतालों में पहले से मौजूद हाई-डेफिनिशन एंडोस्कोप कैमरों के साथ पूरी तरह अनुकूल है।




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