यूरोपीय आयोग ने आज औपचारिक रूप से पुष्टि की कि सदस्य देशों को स्वचालित एंट्री/एग्जिट सिस्टम (ईईएस) के कार्यान्वयन में परिचालन संबंधी छूट प्रदान की जाएगी। इस निर्णय से प्रमुख हवाई अड्डों को शीतकालीन छुट्टियों के दौरान भारी कतारों से बचने में मदद मिलेगी।
यह आधुनिक सुरक्षा प्रणाली पासपोर्ट पर पारंपरिक मुहर लगाने की जगह डिजिटल चेहरे की पहचान और उंगलियों के निशान दर्ज करने की व्यवस्था लाती है।
हवाई अड्डों पर भीड़ से बचाव
एयरपोर्ट्स काउंसिल इंटरनेशनल यूरोप (एसीआई यूरोप) ने चेतावनी दी थी कि पहली बार पंजीकरण में प्रति यात्री 2 मिनट तक का समय लग सकता है, जिससे पेरिस और फ्रैंकफर्ट जैसे हवाई अड्डों पर चार घंटे की लाइनें लग सकती हैं।
| चरण | समय सीमा | गेट नीति | भीड़ प्रबंधन |
|---|---|---|---|
| चरण 1: शुरुआत | Q4 2026 | वैकल्पिक बायोमेट्रिक कियोस्क | मैन्युअल काउंटर तुरंत सक्रिय |
| चरण 2: विस्तार | Q1 2027 | 50% बायोमेट्रिक गेट क्षमता | व्यस्त घंटों में छूट |
| चरण 3: पूर्ण विस्तार | Q2 2027 | 80% ई-गेट संचालन | मोबाइल प्री-रजिस्ट्रेशन ऐप |
| पूर्ण अनिवार्यता | मध्य 2027 | 100% अनिवार्य बायोमेट्रिक | शेंगेन-व्यापी मानक |
सुरक्षा और सुगम यात्रा में संतुलन
नए दिशा-निर्देशों के तहत, सीमा पुलिस को आपात स्थिति में पारंपरिक पासपोर्ट जांच पर लौटने का अधिकार दिया गया है ताकि टर्मिनल में भगदड़ जैसी स्थिति न बने।
“हम सीमाओं की सख्त सुरक्षा और अंतरराष्ट्रीय पर्यटन व व्यापार की सुगमता के बीच संतुलन बना रहे हैं।”
अमेरिका, ब्रिटेन और अन्य देशों के यात्रियों को हवाई अड्डे पर स्थापित सेल्फ-सर्विस कियोस्क का उपयोग करने की सलाह दी गई है।




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