मेक्सिको की नवनिर्वाचित राष्ट्रपति क्लाउडिया शीनबाउम ने बुधवार को नेशनल पैलेस में अपनी पहली सुबह की प्रेस वार्ता आयोजित की। उन्होंने 2 अक्टूबर की ऐतिहासिक तारीख को चुनते हुए वर्ष 1968 के कुख्यात तलातेलोल्को छात्र नरसंहार के लिए मेक्सिको राज्य की ओर से औपचारिक माफी मांगने वाले कार्यकारी आदेश पर हस्ताक्षर किए।

मेक्सिको की पहली महिला राष्ट्राध्यक्ष के रूप में शपथ लेने के कुछ ही घंटों बाद उन्होंने इस प्रेस कॉन्फ्रेंस का नाम 'लास मान्यानेरास डेल पुएब्लो' (जनता की सुबह) रखा, जो उनके पूर्ववर्ती आंद्रेस मैनुअल लोपेज ओब्रेडोर की दैनिक मीडिया परंपरा को आगे बढ़ाती है।

1968 के छात्र नरसंहार के लिए ऐतिहासिक राज्य माफीनामा

शीनबाउम, जिनकी मां स्वयं 1968 के छात्र आंदोलन में सक्रिय थीं, ने इस राज्य माफी को एक नैतिक दायित्व बताया। गृह मंत्री रोजा इसेला रोड्रिगेज ने आधिकारिक डिक्री पढ़कर सुनाई, जिसमें उस नरसंहार को मानवता के खिलाफ राज्य प्रायोजित अपराध स्वीकार किया गया।

इस ऐतिहासिक डिक्री के तहत यह कानूनी प्रतिबद्धता तय की गई है कि मेक्सिको की सशस्त्र सेनाएं और खुफिया एजेंसियां कभी भी शांतिपूर्ण विरोध प्रदर्शन करने वाले नागरिकों या छात्रों के दमन के लिए बल प्रयोग नहीं करेंगी।

“हम उस पीढ़ी से आते हैं जिसने राज्य दमन के खिलाफ लड़ाई लड़ी। राष्ट्राध्यक्ष और सशस्त्र बलों की सर्वोच्च कमांडर के रूप में, हम 2 अक्टूबर 1968 के अपराधों के लिए औपचारिक माफी मांगते हैं।” — क्लाउडिया शीनबाउम, मेक्सिको की राष्ट्रपति

दैनिक प्रेस वार्ताओं का नया प्रारूप और आगामी नीतिगत रोडमैप

ऐतिहासिक श्रद्धांजलि के अलावा, राष्ट्रपति शीनबाउम ने अपने कार्यकाल की प्राथमिकताओं को रेखांकित करते हुए माध्यमिक छात्रों के लिए छात्रवृत्ति बढ़ाने, स्वच्छ ऊर्जा बुनियादी ढांचे के विस्तार और न्यायपालिका सुधारों को तेजी से लागू करने का संकल्प लिया।

राजनीतिक विश्लेषकों का मानना है कि शीनबाउम ने दैनिक सुबह की प्रेस वार्ता की परंपरा को बरकरार रखते हुए इसमें अधिक व्यवस्थित, तकनीकी और डेटा-आधारित दृष्टिकोण का समावेश किया है।

Frequently Asked Questions

राष्ट्रपति शीनबाउम ने अपनी पहली प्रेस वार्ता में किस ऐतिहासिक डिक्री पर हस्ताक्षर किए?

उन्होंने 1968 के तलातेलोल्को छात्र नरसंहार के लिए राज्य की ओर से औपचारिक माफी की डिक्री पर हस्ताक्षर किए।

शीनबाउम की दैनिक सुबह की प्रेस वार्ता का क्या नाम रखा गया है?

उनकी दैनिक सुबह की कॉन्फ्रेंस का नाम 'लास मान्यानेरास डेल पुएब्लो' रखा गया है।

Sources