टोक्यो में दो दिवसीय मौद्रिक नीति बैठक के समापन पर बैंक ऑफ जापान के नीति बोर्ड ने बेंचमार्क ओवरनाइट कॉल रेट को 0.25% पर यथावत रखने का सर्वसम्मत फैसला किया। यह निर्णय जुलाई में हुई ऐतिहासिक दर वृद्धि के बाद बाजारों को स्थिर करने के उद्देश्य से लिया गया है।

बैठक के बाद प्रेस कॉन्फ्रेंस में गवर्नर काजुओ उएदा ने बेहद सतर्क रुख अपनाते हुए कहा कि केंद्रीय बैंक ब्याज दरें बढ़ाने की किसी हड़बड़ी में नहीं है। उन्होंने कहा कि येन में सुधार से आयातित महंगाई का दबाव कम हुआ है।

दर वृद्धि रोकने का सर्वसम्मत फैसला

यह फैसला ऐसे समय आया है जब अमेरिकी फेडरल रिजर्व ने दरों में 50 आधार अंकों की कटौती की है और यूरोपीय सेंट्रल बैंक भी नरमी की राह पर है, जबकि जापान दशकों की ढीली मौद्रिक नीति को धीरे-धीरे सामान्य कर रहा है।

सरकारी आंकड़ों के अनुसार अगस्त में जापान की कोर मुद्रास्फीति बढ़कर 2.8% हो गई है, लेकिन घरेलू निजी खपत अभी भी पूरी तरह मजबूत नहीं हुई है।

“हाल के दिनों में बाजार में भारी अस्थिरता देखी गई है। हमारे पास अगले नीतिगत कदम का फैसला करने से पहले परिस्थितियों का आकलन करने का पर्याप्त समय है।”

येन का रुख और वैश्विक दरों में कटौती का असर

बाजार ने उएदा के बयान को नरम रुख माना, जिससे अक्टूबर में दर वृद्धि की अटकलें खारिज हो गईं और निक्केई 225 इंडेक्स 1.5% चढ़कर बंद हुआ।

विशेषज्ञों का अनुमान है कि बैंक ऑफ जापान अब दिसंबर या 2027 की शुरुआत से पहले दरों में कोई नया बदलाव नहीं करेगा।

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