जापान के नए प्रधानमंत्री शिगेरू इशिबा द्वारा ब्याज दरों में निकट भविष्य में बढ़ोतरी की संभावनाओं को खारिज किए जाने के बाद जापानी येन में तेज गिरावट दर्ज की गई। टोक्यो में प्रधानमंत्री कार्यालय में बैंक ऑफ जापान (बीओजे) के गवर्नर काजुओ उएदा और पीएम इशिबा के बीच हुई पहली औपचारिक बैठक के बाद अमेरिकी डॉलर के मुकाबले येन 146.50 के पार फिसल गया।

बैठक के बाद पत्रकारों से बात करते हुए प्रधानमंत्री इशिबा ने मौद्रिक नीति पर अप्रत्याशित रूप से नरम रुख अपनाया। उनका यह बयान लिबरल डेमोक्रेटिक पार्टी के चुनाव अभियान के दौरान दिए गए बयानों के विपरीत था, जहां उन्होंने केंद्रीय बैंक की सामान्यीकरण नीति का समर्थन किया था।

नरम मौद्रिक रुख के संकेतों से जापानी मुद्रा में तेज गिरावट

गवर्नर उएदा ने इस बैठक को आर्थिक परिदृश्य पर नियमित विचार-विमर्श करार दिया। उन्होंने कहा कि केंद्रीय बैंक अंतरराष्ट्रीय वित्तीय बाजारों और आर्थिक अनिश्चितताओं पर पैनी नजर रखे हुए है और नीतिगत फैसलों में पूरी सावधानी बरती जाएगी।

मुद्रा बाजार में इस नरमी का तुरंत असर दिखा। येन के कमजोर होने से जापानी निर्यातकों को राहत मिली, जिसके चलते टोक्यो स्टॉक एक्सचेंज का निक्केई 225 सूचकांक 2 प्रतिशत से अधिक चढ़ गया। ऑटोमोबाइल और तकनीकी कंपनियों के शेयरों में मजबूत लिवाली देखी गई।

“मेरा मानना है कि वर्तमान आर्थिक माहौल अतिरिक्त ब्याज दर वृद्धि के अनुकूल नहीं है। हमें यह सुनिश्चित करना होगा कि देश मंदी से पूरी तरह बाहर आ सके।” — शिगेरू इशिबा, जापान के प्रधानमंत्री

मुद्रास्फीति और केंद्रीय बैंक की स्वायत्तता पर नजर

आर्थिक विश्लेषकों का कहना है कि इसी महीने होने वाले आम चुनावों के मद्देनजर प्रधानमंत्री का यह बयान राजनीतिक रूप से संवेदनशील है। कमजोर येन से कॉर्पोरेट मुनाफा तो बढ़ता है, लेकिन आयातित खाद्य और ऊर्जा उत्पादों की कीमतें बढ़ने से आम जनता पर महंगाई का बोझ बढ़ता है।

बाजार के जानकारों का मानना है कि बैंक ऑफ जापान अपनी आगामी अक्टूबर बैठक में ब्याज दरों को 0.25 प्रतिशत पर स्थिर रखेगा, और अब दर वृद्धि की संभावना 2025 की शुरुआत तक टल सकती है।

Frequently Asked Questions

जापानी येन 146 प्रति डॉलर से नीचे क्यों लुढ़क गया?

प्रधानमंत्री इशिबा द्वारा फिलहाल अतिरिक्त ब्याज दर वृद्धि की जरूरत न होने की बात कहने से येन में भारी गिरावट आई।

उएदा और इशिबा की बैठक में क्या सहमति बनी?

दोनों ने आर्थिक नीतियों में समन्वय बनाए रखने और बाजार की अस्थिरता को देखते हुए सावधानीपूर्वक कदम उठाने पर सहमति जताई।

Sources