यूरोप के 50 देशों में आज 'यूरोपीय विरासत दिवस 2026' का भव्य शुभारंभ हुआ। इस अवसर पर 70,000 से अधिक ऐतिहासिक किलों, गिरजाघरों, पुरातात्विक स्थलों और सरकारी मंत्रालयों के दरवाजे आम नागरिकों और पर्यटकों के लिए बिना किसी शुल्क के खोल दिए गए।
1985 से यूरोपीय परिषद और यूरोपीय आयोग द्वारा संयुक्त रूप से आयोजित यह वार्षिक कार्यक्रम यूरोप की साझा सांस्कृतिक विविधता और वास्तुकला की रक्षा करने का सबसे बड़ा जन-उत्सव है।
मार्गों, नेटवर्कों और संपर्कों की विरासत
इस वर्ष का मुख्य विषय 'हेरिटेज ऑफ रूट्स, नेटवर्क्स एंड कनेक्शन्स' है, जो यह दर्शाता है कि कैसे प्राचीन व्यापारिक रास्तों, समुद्री मार्गों और डाक नेटवर्क ने आधुनिक यूरोपीय समाज को आकार दिया।
| देश | विशेष स्मारक | वास्तुकला काल | विशेष आकर्षण |
|---|---|---|---|
| फ्रांस | एलिसी पैलेस और पोंट डू गार्ड | रोमन और शास्त्रीय | राष्ट्रपति भवन के गुप्त कक्ष और भूमिगत तहखाने |
| जर्मनी | स्पीकरस्टाट ईंट गोदाम (हैम्बर्ग) | औद्योगिक गोथिक | ऐतिहासिक बंदरगाह सुरंगें और कस्टम दस्तावेज |
| इटली | पलाज़ो फार्नीस और एपियन वे | पुनर्जागरण / प्राचीन रोमन | पुनर्निर्मित भित्तिचित्र और गुप्त समाधियां |
| स्पेन | अल्हाम्ब्रा और कैमिनो मार्ग | मूरिश और मध्यकालीन | विशेष रात्रि रोशनी और शाही दस्तावेज |
डिजिटल तकनीक और सतत पर्यटन
इस वर्ष स्मारकों के भ्रमण को स्मार्टफोन 3डी मॉडल और डिजिटल गाइड से जोड़ा गया है। इसका उद्देश्य भीड़भाड़ वाले मुख्य शहरों से दूर ग्रामीण अंचलों की छिपी हुई ऐतिहासिक धरोहरों को बढ़ावा देना है।
“हमारी सांस्कृतिक विरासत केवल पत्थरों का संग्रह नहीं है; यह एक जीवित पुल है जो पीढ़ियों और विभिन्न संस्कृतियों को आपस में जोड़ता है।”
इस सांस्कृतिक महोत्सव के दौरान 2 करोड़ से अधिक पर्यटकों के ऐतिहासिक स्थलों पर पहुंचने का अनुमान है।




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