मैसाचुसेट्स इंस्टीट्यूट ऑफ टेक्नोलॉजी (एमआईटी) के वैज्ञानिकों द्वारा डिजाइन किया गया एक साधारण ओपन-सोर्स भौतिकी प्रोजेक्ट आज एक सनसनीखेज वैश्विक वायरल ट्रेंड बन गया है। 'कॉस्मिकवॉच' नाम के इस प्रोजेक्ट ने दुनिया भर के हजारों छात्रों और इलेक्ट्रॉनिक्स शौकीनों को अपने घर पर कॉस्मिक रे डिटेक्टर बनाने के लिए प्रेरित किया है।
पिछले 72 घंटों में टिकटॉक और यूट्यूब पर #CosmicWatch और #MuonHunter हैशटैग वाले वीडियो को 4.5 करोड़ से अधिक बार देखा गया। इन वीडियो में छात्र छोटे-छोटे 3D बॉक्स पकड़े नजर आ रहे हैं जो अरबों प्रकाश वर्ष दूर सुपरनोवा विस्फोट से आने वाले कणों के कमरे से गुजरने पर बीप करते हैं।
एक वीडियो गेम की कीमत में पार्टिकल फिजिक्स
पारंपरिक रूप से कॉस्मिक किरणों का पता लगाने के लिए लाखों रुपये की भारी-भरकम लैब मशीनों की जरूरत होती थी। कॉस्मिकवॉच ने इसे छोटी सिलिकॉन चिप्स और प्लास्टिक सेंसर से बदलकर मात्र $100 का बना दिया।
| उपकरण | मुख्य घटक | कार्य सिद्धांत | अनुमानित लागत |
|---|---|---|---|
| रेडिएशन सेंसर | प्लास्टिक स्किंटिलेटर स्लैब | कण गुजरने पर प्रकाश उत्पन्न करता है | $35.00 |
| ऑप्टिकल डिटेक्टर | सिलिकॉन फोटोमल्टीप्लायर (SiPM) | प्रकाश को विद्युत संकेत में बदलता है | $28.00 |
| सिग्नल प्रोसेसिंग | एम्प्लीफायर सर्किट | संकेतों को स्पष्ट और मजबूत करता है | $14.00 |
| माइक्रोकंट्रोलर व स्क्रीन | आर्डुइनो नैनो और ओएलईडी स्क्रीन | कणों की गिनती और स्क्रीन पर प्रदर्शन | $18.00 |
आइंस्टीन के सापेक्षता सिद्धांत का सजीव प्रमाण
क्योंकि ये म्योन कण प्रकाश की 99.9% गति से चलते हैं, इसलिए उनका पृथ्वी की सतह तक पहुंचना आइंस्टीन के समय विस्तार (Time Dilation) सिद्धांत का सीधा प्रमाण है। छात्र अब ब्लूटूथ के जरिए अपने डिटेक्टरों को जोड़कर वैश्विक नेटवर्क बना रहे हैं।
“एक 15 साल के बच्चे को अपने कमरे में डिटेक्टर बनाते देखना और यह समझना कि यह चमकती हुई एलईडी अंतरिक्ष में मरे हुए तारे के कण की वजह से है, विज्ञान की सबसे खूबसूरत जीत है।”
इस सप्ताह 3 लाख से अधिक लोगों ने इसके सर्किट डिजाइन डाउनलोड किए हैं, जिससे इलेक्ट्रॉनिक कंपनियों ने छात्रों के लिए तैयार किट बेचना शुरू कर दिया है।


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